
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस मिथ्या प्रचार से बाज आए: नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कोर्ट से सोनिया-राहुल को कोई क्लीन चिट नहीं मिली है। यह फैसला तकनीकी आधार पर है, गुण-दोष पर नहीं।
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस मिथ्या प्रचार से बाज आए: नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कोर्ट से सोनिया-राहुल को कोई क्लीन चिट नहीं मिली है। यह फैसला तकनीकी आधार पर है, गुण-दोष पर नहीं।
रायपुर।राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं पर मिथ्या प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस को यह दावा करने से बाज आना चाहिए कि अदालत ने कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और राहुल गांधी को क्लीन चिट दे दी है।
नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी भी प्रकार की राहत नहीं है, बल्कि केवल तकनीकी आधार पर अदालत द्वारा लिया गया निर्णय है। उन्होंने कहा कि जब तक अदालत ईडी द्वारा प्रस्तुत सभी सबूतों पर विचार कर गुण-दोष के आधार पर अंतिम फैसला नहीं देती, तब तक कांग्रेस नेताओं को खुश होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर अदालत ने तकनीकी कारणों से संज्ञान लेने से इनकार किया है। ईडी के इस मामले में कानूनी रूप से एफआईआर दर्ज नहीं थी, जबकि पीएमएलए (PMLA) के तहत मुकदमा चलाने के लिए एफआईआर अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि वह आरोपों के सही या गलत होने पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है, बल्कि केवल कानूनी प्रक्रिया की वैधता पर निर्णय दे रही है। इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि आरोप समाप्त हो गए हैं।
नान अध्यक्ष ने कहा कि चार्जशीट तकनीकी रूप से खारिज हुई है और आगे ईडी नई चार्जशीट दाखिल कर सकती है या अपील कर सकती है। इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा केस दर्ज किया गया है, जिससे आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई संभव है।
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में जो आरोप हैं, वे आज भी पूरी तरह जीवित हैं और विधिवत रूप से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि गुण-दोष के आधार पर फैसला आने पर ही वास्तविक न्याय होगा, और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलेगी।












