ताजा ख़बरेंदेशब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य
Trending

मनरेगा को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा: 125 दिन रोजगार और 1.51 लाख करोड़ का प्रावधान – शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा के नाम पर देश को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मजदूरों को अब 125 दिन के काम की गारंटी, देरी पर अतिरिक्त भुगतान और 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तावित है।

मनरेगा पर देश को गुमराह करने की साज़िश: 125 दिन रोजगार, 1.51 लाख करोड़ का बजट – शिवराज सिंह चौहान

दिल्ली।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि देश को जानबूझकर गुमराह करने की साज़िश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा व्यवस्था में मनरेगा मजदूरों के अधिकार पहले से अधिक मजबूत किए गए हैं और सरकार गरीब व ग्रामीण विकास के पक्ष में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने के आरोप पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि मजदूरों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनका उद्देश्य रोजगार की गारंटी को और प्रभावी बनाना है।

अब 100 नहीं, 125 दिन के काम की गारंटी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने मजदूरों के लिए 100 दिन नहीं, बल्कि 125 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की है। यह निर्णय ग्रामीण गरीबों, श्रमिकों और मेहनतकश परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल आय के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मजदूरी में देरी पर अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार मजदूरों के अधिकारों को लेकर गंभीर है। यदि किसी कारणवश मजदूरी के भुगतान में देरी होती है, तो अब अतिरिक्त भुगतान (मुआवज़ा) देने का भी प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था मजदूरों के सम्मान और भरोसे को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है और इससे प्रशासनिक लापरवाही पर भी रोक लगेगी।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

मनरेगा के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 के लिए मनरेगा के तहत 1,51,282 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रस्तावित की गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि

  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने,
  • बुनियादी ढांचे के विकास,
  • और गांवों के समग्र विकास

के लिए पर्याप्त है।

उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने कभी भी मनरेगा के बजट में कटौती नहीं की, बल्कि जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए हैं।

प्रशासनिक खर्च बढ़ाकर निगरानी मजबूत

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक खर्च की सीमा 6% से बढ़ाकर 9% कर दी गई है। इसका उद्देश्य निगरानी, पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान को और मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा कि इससे योजना के संचालन में गुणवत्ता आएगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।

“यह कानून गरीब और विकास के पक्ष में है”

केंद्रीय मंत्री ने दो टूक कहा कि
“यह कानून गरीबों और विकास के पक्ष में है। यह मजदूरों को रोजगार की पूरी गारंटी देता है।”

उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित गांवों का संकल्प है। गांव मजबूत होंगे, तभी देश मजबूत बनेगा।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच बयान के मायने

शिवराज सिंह चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष मनरेगा को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। सरकार इस बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि मनरेगा न केवल सुरक्षित है, बल्कि पहले से अधिक सशक्त किया गया है

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में मनरेगा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस और तेज हो सकती है।


 

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!