
प्रदूषण फैलाने वाले 30 उद्योगों पर गिरी गाज: उत्पादन ठप, ₹28.92 लाख का भारी जुर्माना |
नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई। 30 फैक्ट्रियों में उत्पादन बंद, लाखों का जुर्माना। जानिए कौन से नियमों की हुई अनदेखी।
प्रदूषण पर सरकार का ‘हंटर’: नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 30 उद्योगों में उत्पादन बंद, ₹28.92 लाख का जुर्माना वसूला
रायपुर: पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी करने वाले उद्योगों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकार ने **30 औद्योगिक इकाइयों** का उत्पादन तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। यह कार्रवाई उन उद्योगों पर की गई है जो लंबे समय से नोटिस के बावजूद उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।
नियमों के उल्लंघन के बदले लगाया गया कुल जुर्माना:
₹28,92,000/- (28.92 लाख रुपये)
क्यों हुई यह बड़ी कार्रवाई?
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में पाया गया कि ये उद्योग बिना ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (Consent to Operate) के चल रहे थे या उनके एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम (APCS) खराब थे। कई इकाइयों में ईटीपी (Effluent Treatment Plant) को बंद रखा गया था, जिससे दूषित जल सीधे नदी-नालों में मिल रहा था।
| कार्रवाई का विवरण | संख्या/राशि |
|---|---|
| बंद किए गए कुल उद्योग | 30 इकाइयां |
| कुल पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) | ₹28.92 लाख |
| प्रमुख प्रभावित क्षेत्र | रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा |
“विकास के साथ पर्यावरण भी जरूरी”
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य के औद्योगिक विकास के साथ-साथ आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा सर्वोपरि है। जिन उद्योगों का उत्पादन बंद किया गया है, उन्हें तब तक दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक वे प्रदूषण नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं कर लेते।
क्षेत्रीय प्रभाव: सरगुजा और बिलासपुर में भी सतर्कता
**Pradesh Khabar News Network** की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद सरगुजा और बिलासपुर संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों में भी हड़कंप मच गया है। स्थानीय प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्रों में औचक निरीक्षण के लिए विशेष टीमों का गठन किया है।












