पोलावरम–नल्लमल्ला सागर परियोजना पर तेलंगाना सरकार सुप्रीम कोर्ट में, रेवंत रेड्डी ने सीनियर वकील सिंहवी से की मुलाकात

हैदराबाद/नई दिल्ली। गोदावरी नदी पर आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित पोलावरम–नल्लमल्ला सागर (या बनकाचेरला लिंक) परियोजना को लेकर तेलंगाना सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के विस्तार को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होनी है।

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इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने मुंबई में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंहवी से विशेष मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ वकीलों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ओर से मजबूत और प्रभावी तर्क अदालत में रखे जाएं। साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सभी आवश्यक दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्य तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

तेलंगाना सरकार ने अपनी याचिका में मांग की है कि बिना अनुमति पोलावरम से नल्लमल्ला सागर या बनकाचेरला को लिंक करने के लिए किए जा रहे विस्तार कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि पोलावरम परियोजना प्राधिकरण को इन कार्यों को तुरंत रोकने के निर्देश दिए जाएं।

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याचिका में स्पष्ट किया गया है कि पोलावरम परियोजना को केवल प्रारंभिक स्वीकृत स्वरूप में ही लागू किया जाना चाहिए, जबकि इसके विस्तार को कानून के खिलाफ बताया गया है। तेलंगाना सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना की आपत्तियों की अनदेखी करते हुए नल्लमल्ला सागर परियोजना की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर विचार किया, जो उचित नहीं है।

इसके साथ ही सरकार ने केंद्रीय जल आयोग, जल शक्ति मंत्रालय और गोदावरी जल प्रबंधन बोर्ड को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय जल आयोग की गाइडलाइंस के खिलाफ DPR तैयार की जा रही है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
तेलंगाना ने मांग की है कि इन विस्तार परियोजनाओं को पर्यावरणीय मंजूरी न दी जाए और केंद्र सरकार की ओर से कोई वित्तीय सहायता भी न प्रदान की जाए