फर्जी डिग्री स्कैम: अशोनी कंवर और मंदीप राणा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित, ED का बड़ा एक्शन

शिमला। फर्जी डिग्री स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। माननीय स्पेशल कोर्ट (PMLA), शिमला ने अशोनी कंवर (मां) और मंदीप राणा (बेटा) को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। यह आदेश 03 जनवरी 2026 को ED, शिमला सब-ज़ोनल ऑफिस की याचिका पर पारित किया गया।

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ED ने यह जांच हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के धर्मपुर थाना में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज तीन FIR के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी राज कुमार राणा ने अपनी पत्नी अशोनी कंवर, बेटे मंदीप राणा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एजेंटों और छात्रों से पैसे लेकर मानव भारती यूनिवर्सिटी, सोलन के नाम पर नकली डिग्रियां बेचीं।

ED के अनुसार, इस फर्जीवाड़े से हुई अवैध कमाई लगभग 387 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस रकम से आरोपियों ने विभिन्न राज्यों में अपने और संबंधित कंपनियों के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियां खरीदीं। अब तक ED ने इस केस में करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं, जिसकी पुष्टि PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भी कर दी है।

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इससे पहले ED ने इस मामले में 14 व्यक्तियों और 2 संस्थाओं के खिलाफ PMLA, 2002 के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी, जिस पर स्पेशल कोर्ट ने 04 जनवरी 2023 को संज्ञान लिया था। अशोनी कंवर और मंदीप राणा को समन जारी किए गए, लेकिन उन्होंने कोर्ट में हाजिर होना टाल दिया। इसके बाद 04 नवंबर 2023 को दोनों के खिलाफ ओपन एंडेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि मानव भारती यूनिवर्सिटी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया फरार हो गए थे। उन्हें कई बार जांच में शामिल होने और ट्रायल का सामना करने के लिए भारत लौटने को कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।

इसी आधार पर ED ने FEOA, 2018 की धारा 4 के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए आवेदन किया, जिसे स्पेशल कोर्ट (PMLA), शिमला ने मंजूरी दे दी।
मामले में आगे की जांच जारी है।