
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की सनातन चेतना और आत्मसम्मान का उत्सव: पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को भारत की सनातन संस्कृति, अटूट आस्था और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।
नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर भारत की सनातन चेतना, अटूट आस्था और आत्मसम्मान को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की सांस्कृतिक विरासत, विश्वास और अस्मिता की रक्षा का जीवंत प्रतीक है।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की सनातन चेतना, अटूट आस्था और आत्मसम्मान का उत्सव है। यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि कठिनतम परिस्थितियों में भी भारत ने अपनी संस्कृति, विश्वास और अस्मिता की रक्षा की है।”
उन्होंने आगे कहा कि सोमनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास राष्ट्र की अविरल शक्ति, पुनर्जागरण और आत्मबल का प्रतीक है। यह पर्व स्वाभिमान से संकल्प और संकल्प से सशक्त एवं विकसित भारत की यात्रा को और अधिक प्रभावी बनाता है।
पीयूष गोयल ने यह भी साझा किया कि उन्हें विभिन्न अवसरों पर बाबा सोमनाथ के दिव्य दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा से उनमें राष्ट्र और जनसेवा के प्रति ऊर्जा, संकल्प और समर्पण और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करें और आत्मसम्मान के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।










