
पारदर्शी धान खरीदी से किसानों को लाभ, बतौली के किसान ने की शासन की सराहना
अंबिकापुर जिले में पारदर्शी धान उपार्जन व्यवस्था से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। बतौली ब्लॉक के किसान निर्मल भगत ने 3100 रुपये समर्थन मूल्य और आसान प्रक्रिया की सराहना की।
सफलता की कहानी: पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
बतौली ब्लॉक के किसान ने धान उपार्जन व्यवस्था की सराहना की
अंबिकापुर | 08 जनवरी 2026| जिले में लागू की गई पारदर्शी, सरल और समयबद्ध धान उपार्जन व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। धान विक्रय की प्रक्रिया सुविधाजनक होने से किसान संतोष व्यक्त कर रहे हैं और शासन की इस पहल को किसान-हितैषी बता रहे हैं।
इसी क्रम में बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ललाती के लघु किसान निर्मल भगत ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
निर्मल भगत ने बताया कि इस वर्ष अच्छी वर्षा के कारण धान की पैदावार बेहतर रही। उन्होंने लगभग 4.5 एकड़ भूमि में धान की खेती की, जिससे 82.80 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ।
उन्होंने कहा कि समिति के माध्यम से समय पर टोकन कट गया, और टोकन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि बोदा धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास जारी कर दिया गया। नमी परीक्षण के बाद तुरंत बारदाना उपलब्ध कराया गया, जिससे धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई।
समिति केंद्र में किसानों के लिए पेयजल, छाया में बैठने की व्यवस्था तथा कर्मचारियों द्वारा पूर्ण सहयोग भी सराहनीय रहा।
भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी किए जाने से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने गेहूं, तिलहन और सब्जी फसलों की खेती की, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
निर्मल भगत ने धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह किसान-हितैषी बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धान का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है।









