
PPC 2026: स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ के जरिए छात्रों में राष्ट्रबोध और आत्मविश्वास का संचार
परीक्षा पे चर्चा 2026 के तहत देशभर के स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही 12 से 23 जनवरी तक छात्र-केंद्रित गतिविधियों के माध्यम से आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
PPC 2026: स्कूलों में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, छात्रों में भरा आत्मविश्वास और राष्ट्रगौरव
नई दिल्ली।परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha) 2026 के तहत देशभर के स्कूलों ने एकजुट होकर ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान किया, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता और चेतना का कालजयी प्रतीक है।
इस अवसर पर छात्रों ने ‘वंदे मातरम्’ की साहित्यिक उत्पत्ति, ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी प्रेरक भूमिका को समझा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह आत्मचिंतन किया कि भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों का साहस, अनुशासन और बलिदान आज के एग्ज़ाम वॉरियर्स को शैक्षणिक चुनौतियों से निपटने की प्रेरणा देता है।
विद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक पाठ ने छात्रों को धैर्य, एकाग्रता और आंतरिक शक्ति का संदेश दिया। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, भावनात्मक मजबूती और राष्ट्रीय गर्व की भावना विकसित हो रही है।
इसी क्रम में शिक्षा मंत्रालय 9वें संस्करण के PPC की राष्ट्रव्यापी तैयारियों के तहत 12 से 23 जनवरी 2026 तक स्कूलों में छात्र-केंद्रित सहभागिता गतिविधियाँ आयोजित कर रहा है। इस अभियान की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) से हुई है और इसका समापन नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती (पराक्रम दिवस) पर होगा।
मंत्रालय ने बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य छात्रों में स्वयं पर विश्वास, मानसिक संतुलन, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना है।









