
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें दीक्षांत समारोह में युवाओं से वैज्ञानिक सोच, जिम्मेदारी और निःस्वार्थ सेवा का आह्वान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित
अमृतसर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रपति के अमृतसर आगमन पर पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने उनका स्वागत किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सभी क्षेत्रों में अलग–अलग प्रकार की योग्यता और कौशल की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ गुण ऐसे होते हैं जो हर क्षेत्र में समान रूप से प्रगति के लिए आवश्यक होते हैं। उन्होंने युवाओं में वैज्ञानिक सोच, जिम्मेदारी और निःस्वार्थ सेवा भावना को भारत के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और उद्यमिता संस्कृति (Entrepreneurship Culture) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान यदि रिसर्च को बढ़ावा दें, इंडस्ट्री–एकेडेमिया सहयोग को मजबूत करें और सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों को प्रोत्साहित करें, तो इस प्रगति को और गति मिल सकती है।
राष्ट्रपति ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि भारत का भविष्य ऐसे युवाओं पर निर्भर है जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हों, जिम्मेदारी से कार्य करें और निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करें। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया कि वे छात्रों में राष्ट्र निर्माण और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की भावना विकसित करें।








