Advertisement

गणतंत्र दिवस 1953: पहली बार राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने परेड की ली सलामी, इतिहास के पन्नों से एक झलक

नई दिल्ली। भारत के गणतंत्र बनने के शुरुआती वर्षों की स्मृतियों को संजोए 26 जनवरी 1953 की गणतंत्र दिवस परेड की ऐतिहासिक झलक एक बार फिर सामने आई है। यह वही अवसर था जब भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली थी। यह परेड न केवल संवैधानिक लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक थी, बल्कि नवस्वतंत्र भारत के आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को भी दर्शाती थी।

1953 का गणतंत्र दिवस उस दौर का प्रतिनिधित्व करता है जब भारत अपने संविधान को लागू किए कुछ ही वर्ष हुए थे और देश लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा था। परेड में भाग लेती सैन्य टुकड़ियां, सांस्कृतिक झांकियां और अनुशासनबद्ध आयोजन यह दिखाते हैं कि स्वतंत्रता के बाद भी भारत की राष्ट्रीय चेतना कितनी सशक्त थी।

प्रथम राष्ट्रपति और गणतंत्र की गरिमा

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का राष्ट्रपति के रूप में परेड की सलामी लेना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वे न केवल स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में शामिल थे, बल्कि संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनकी उपस्थिति ने गणतंत्र दिवस समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5

एकता और प्रगति का संदेश

1953 की परेड की झलकियां यह स्पष्ट करती हैं कि तब भी पूरा राष्ट्र एकता, अनुशासन और प्रगति के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा था। विविधता से भरे भारत की सांस्कृतिक झांकियां यह संदेश दे रही थीं कि अलग-अलग परंपराएं मिलकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर रही हैं।

आज की पीढ़ी के लिए ऐतिहासिक धरोहर

आज, जब भारत आधुनिक तकनीक और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है, तब 1953 की गणतंत्र दिवस परेड की ये झलकियां हमें अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक विरासत की याद दिलाती हैं। यह दृश्य नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं कि किस तरह देश ने सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी।

राष्ट्रपति भवन और अभिलेखागार की भूमिका

ऐसी ऐतिहासिक तस्वीरों और स्मृतियों को संरक्षित करने में राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रीय अभिलेखागार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन झलकियों के माध्यम से देशवासियों को अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05