
पीएम मोदी ने श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट के स्वामियों से की मुलाकात, समाज सुधार में योगदान की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के सिवगिरि मठ से जुड़े श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट के स्वामियों से मुलाकात की। सामाजिक सेवा, शिक्षा और समानता के क्षेत्र में योगदान को बताया प्रेरणादायी।
नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के वर्कला स्थित श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट (Sree Narayana Dharma Sanghom Trust) से जुड़े स्वामियों से मुलाकात की। यह ट्रस्ट सिवगिरि मठ (Sivagiri Mutt) से संबद्ध है और सामाजिक सेवा, शिक्षा, आध्यात्मिकता एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में अपने समर्पित कार्यों के लिए जाना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट से जुड़े स्वामियों का योगदान भारत के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में ऐतिहासिक और स्थायी रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, समाज सुधार और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से इन संस्थाओं ने समाज के हर वर्ग तक सकारात्मक संदेश पहुँचाया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्री नारायण गुरु के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके शाश्वत आदर्श—समानता, सद्भाव और मानवीय गरिमा—आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे। गुरुजी के विचारों से प्रेरित होकर यह संस्थान समाज में भेदभाव मिटाने और समरसता स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि श्री नारायण गुरु का दर्शन केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम रहा है। उन्होंने “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर” के संदेश को भारतीय समाज में एकता और मानवता की नींव बताया।
प्रधानमंत्री ने स्वामियों के साथ संवाद के दौरान शिक्षा के विस्तार, समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों की भूमिका आज के समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब समाज को संवाद, समावेशन और करुणा की सबसे अधिक आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री की यह मुलाकात सरकार की उस सोच को भी दर्शाती है, जिसमें आध्यात्मिक संस्थाओं को सामाजिक विकास का भागीदार माना जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री नारायण गुरु के विचारों से प्रेरित प्रयास भविष्य में भी समाज को नई दिशा देते रहेंगे।












