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बलरामपुर में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में आयोजित हुआ उल्लास मेला

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में आयोजित हुआ उल्लास मेला

बलरामपुर, 30 जनवरी 2026/उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में नवसाक्षरों द्वारा उल्लास मेला का आयोजन किया गया। इस मेले में नवसाक्षरों एवं उल्लास साक्षरता केंद्र के शिक्षार्थियों द्वारा साक्षरता शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाले विभिन्न स्टॉल लगाए गए।

मेले में लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से साक्षरता, जीवन कौशल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और दैनिक उपयोग से जुड़ी जानकारियों को प्रदर्शित किया गया। विभिन्न शैक्षणिक सामग्रियों के माध्यम से ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक संदेश दिए गए, जिससे सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया गया।

कौशल विकास और जीवन उपयोगी शिक्षा पर रहा फोकस

जिला परियोजना अधिकारी, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण हीरालाल पटवा ने बताया कि उल्लास मेला मुख्य रूप से कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर केंद्रित रहा। मेले का उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना था।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से करके सीखने की अवधारणा को मजबूत किया गया, जिससे नवसाक्षरों को भाषा में मात्राओं की बारीकियां समझने, गणित की छूटी हुई अवधारणाओं को पुनः सीखने तथा विभिन्न विषयों की समग्र समझ विकसित करने का अवसर मिला।

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नवसाक्षरों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

मेले में नवसाक्षरों द्वारा जीवन कौशल से संबंधित कई स्टॉल लगाए गए। विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के माध्यम से नवसाक्षरों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवसाक्षरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मेले में क्षेत्रीय एवं ग्राम के जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ प्राचार्य एवं प्रधान पाठक भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हो रहा संचालन

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा के अनुरूप उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के वार्डों में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों का चिन्हांकन कर स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाया गया।

इसके पश्चात शिक्षार्थियों का मूल्यांकन आकलन परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें सफल नवसाक्षरों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नोएडा (नई दिल्ली) द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्तियों को शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश पढ़ने-लिखने से वंचित रह गए थे। कार्यक्रम के माध्यम से साक्षरता के विभिन्न घटकों के जरिए उन्हें संख्यात्मक ज्ञान, जीवन कौशल और दैनिक जीवन में उपयोगी जानकारी से अवगत कराया जा रहा है।

उल्लास मेला नवसाक्षरों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें निरंतर सीखने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है।

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