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अंबिकापुर में POSH अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न

POSH अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न

अंबिकापुर, 30 जनवरी 2026/कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए बनाए गए कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय एवं आंतरिक शिकायत समितियों के पदाधिकारी तथा संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर दिया गया जोर

राज्य स्तरीय संसाधन केंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के संचालक एस. के. चौबे ने अपने उद्बोधन में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि POSH अधिनियम के अंतर्गत सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में इसके प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने She-Box पोर्टल पर सभी संस्थानों की ऑनबोर्डिंग तथा आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee – IC) की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से कराने पर बल दिया, ताकि महिलाओं की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

सुरक्षित कार्यस्थल महिलाओं के अधिकारों की आधारशिला

जिला कार्यक्रम अधिकारी सरगुजा जे. आर. प्रधान ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा का आधार है। POSH अधिनियम केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्थानों में संवेदनशीलता और जवाबदेही की संस्कृति विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी विभागों से अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने और कर्मचारियों को जागरूक करने का आह्वान किया।

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आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में मास्टर ट्रेनर सर्वत नकवी ने प्रतिभागियों को अधिनियम की प्रमुख धाराओं की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि POSH अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत किसी भी शासकीय अथवा अशासकीय संस्था में, जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहाँ आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है।
समिति का गठन न होने की स्थिति में कार्यालय प्रमुख पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने समिति की संरचना, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, समय-सीमा, गोपनीयता और पीड़िता के संरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

She-Box पोर्टल का लाइव डेमो

द्वितीय सत्र में राज्य स्तरीय संसाधन केंद्र रायपुर के सहायक संचालक अतुल दांडेकर ने She-Box पोर्टल के संचालन और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण, शिकायत अपलोड करने की प्रक्रिया, शिकायत की प्रगति ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े फीचर्स का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल शिकायतों के निस्तारण को समयबद्ध, पारदर्शी और मॉनिटर करने योग्य बनाता है।

विभिन्न विभागों की व्यापक भागीदारी

कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ श्रम विभाग, आदिवासी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत, शिक्षा विभाग, नगर पालिका निगम तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा संभाग के सभी जिलों की आंतरिक एवं स्थानीय शिकायत समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ललित शुक्ला एवं डीपीओ जशपुर अजय भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न संस्थानों में POSH अधिनियम के एकरूप और प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद जताई गई।

 

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