गरियाबंद/राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के पावन अवसर पर इस वर्ष भी महिला स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत संभागीय सरस मेला 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक राजिम मेला मुख्य मंच के सामने, जिला गरियाबंद में आयोजित होगा।
मिशन बिहान द्वारा संचालित यह सरस मेला ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में सामने आया है। यह आयोजन न केवल महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के विपणन का अवसर प्रदान करता है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य उत्पादों को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
सरस मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हैंडलूम वस्त्र, पारंपरिक खाद्य सामग्री, मसाले, ऑर्गेनिक उत्पाद, बांस शिल्प, डेकोरेटिव आइटम, कॉस्मेटिक उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र, घरेलू उपयोग की सामग्री सहित अनेक प्रकार के गृह-उद्योग आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है।
आयोजन से जुड़े विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राजिम कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक राजिम पहुंचते हैं। ऐसे में सरस मेला महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बेहतर बिक्री का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
सरस मेला 2026 श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक ओर जहां स्थानीय उत्पादों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आर्थिक उन्नति, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का मजबूत मंच साबित होगा।











