
Union Budget 2026–27: टैक्स कॉम्प्लायंस में बड़ी राहत, तकनीकी चूक पर लगने वाले पेनल्टी अब फीस में बदले जाएंगे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026–27 में टैक्स सुधारों की घोषणा की। खातों के ऑडिट, ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट और वित्तीय लेनदेन विवरण में तकनीकी चूक पर लगने वाली पेनल्टी को फीस में बदलने का प्रस्ताव।
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026/ Union Budget 2026–27 में केंद्र सरकार ने करदाताओं और व्यवसायों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में घोषणा की कि कुछ तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूकों (Technical Defaults) पर लगने वाली पेनल्टी को अब फीस में परिवर्तित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव उन मामलों में किया जाएगा, जहां गलती जानबूझकर टैक्स चोरी की नहीं, बल्कि प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी चूक की वजह से हुई हो।
किन मामलों में मिलेगी राहत
बजट प्रस्ताव के अनुसार, निम्नलिखित तकनीकी चूकों पर लगने वाली पेनल्टी को फीस में बदला जाएगा:
- खातों का ऑडिट नहीं कराना
- ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना
- वित्तीय लेनदेन विवरण (Statement of Financial Transactions) दाखिल करने में चूक
इन मामलों में अब करदाताओं को कठोर दंडात्मक कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा, बल्कि निर्धारित फीस देकर अनुपालन पूरा किया जा सकेगा।
Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम Ease of Doing Business और टैक्सपेयर फ्रेंडली सिस्टम की दिशा में बड़ा सुधार है। खासकर MSME, स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों के लिए यह फैसला राहत भरा साबित होगा, जिन्हें अक्सर प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण पेनल्टी झेलनी पड़ती थी।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य करदाताओं को डराने के बजाय उन्हें अनुपालन के लिए प्रेरित करना है। ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से बचाने के लिए यह सुधार किया जा रहा है।
व्यवसाय जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया
उद्योग संगठनों और कर विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पेनल्टी को फीस में बदलने से कर विवादों में कमी आएगी और टैक्स प्रशासन अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा।
BJP ने इस घोषणा को #ViksitBharatBudget के तहत साझा करते हुए कहा कि मोदी सरकार टैक्स सुधारों के जरिए देश में निवेश और व्यापार को आसान बना रही है।
सरल और सहयोगात्मक टैक्स सिस्टम की ओर कदम
सरकार का मानना है कि यह बदलाव डिजिटल और सरल टैक्स प्रणाली को मजबूत करेगा, जिसमें अनुपालन आसान होगा और अनावश्यक मुकदमों से बचा जा सकेगा।
Union Budget 2026–27 के ये प्रस्ताव विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप हैं, जहां व्यवसायों को प्रोत्साहन, पारदर्शिता और स्थिर नीतिगत वातावरण प्रदान किया जाएगा।










