
बजट 2026-27: परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आयात शुल्क छूट 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क छूट को 2035 तक बढ़ाने और सभी परमाणु संयंत्रों तक विस्तार का प्रस्ताव रखा।
परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा: बजट 2026-27 में आयात शुल्क छूट 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक अहम घोषणा की है। वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर मिलने वाली बुनियादी सीमा शुल्क (Basic Customs Duty) छूट को वर्ष 2035 तक बढ़ाया जाए, साथ ही इस छूट को क्षमता की परवाह किए बिना सभी परमाणु संयंत्रों पर लागू किया जाए।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम भारत में स्वच्छ, सुरक्षित और दीर्घकालिक ऊर्जा समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे न केवल परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी, बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार के इस प्रस्ताव से:
- परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण और विस्तार को गति मिलेगी
- आयातित तकनीक और उपकरणों की लागत घटेगी
- निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा
- कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्यों को बल मिलेगा
वित्त मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि भारत के विकासशील अर्थव्यवस्था बनने की राह में परमाणु ऊर्जा की भूमिका बेहद अहम है, और बजट के जरिए सरकार इस क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश को सुनिश्चित करना चाहती है।
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर कदम
सरकार का मानना है कि परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा के साथ मिलकर देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में अहम योगदान देगी। यह फैसला ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।












