नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। AICC सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह बजट विकास का नहीं बल्कि कटौती का बजट है और इसके आंकड़े खुद देश में आर्थिक मंदी का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा—
“बजट स्पीच सुनते वक्त राहत इस बात की रही कि कहीं डॉनल्ड ट्रंप या उनका कोई मंत्री भारत का बजट पेश न कर दे, क्योंकि आज हमारी विदेश नीति से लेकर आर्थिक फैसलों तक की घोषणा ट्रंप कर रहे हैं।”
FDI और गिरते रुपये पर चुप्पी
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डेढ़ घंटे की बजट स्पीच में—
- FDI (विदेशी निवेश) का एक बार भी ज़िक्र नहीं किया
- भारत से विदेशी निवेश निकलने
- और लगातार गिरते रुपये पर भी कोई चर्चा नहीं की
उन्होंने सवाल उठाया—
“इस बजट में रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग और किसानों के लिए आखिर है क्या?”
FY 2025-26 के संशोधित आंकड़े (RE) बनाम बजट अनुमान (BE)
(RE 2025-26, BE 2025-26 से कम)
▪️ राजस्व प्राप्तियाँ – ₹78,086 करोड़ कम
▪️ नेट टैक्स प्राप्ति – ₹1,62,748 करोड़ कम
▪️ कुल खर्च – ₹1,00,503 करोड़ की कटौती
▪️ पूंजीगत खर्च (Capex) – ₹1,44,376 करोड़ की कटौती
सामाजिक क्षेत्रों में कटौती
▪️ स्वास्थ्य – ₹3,686 करोड़ कम
▪️ शिक्षा – ₹6,701 करोड़ कम
▪️ कृषि – ₹6,985 करोड़ कम
▪️ ग्रामीण विकास – ₹53,067 करोड़ कम
▪️ शहरी विकास – ₹39,573 करोड़ कम
▪️ प्रधानमंत्री आवास योजना – ₹3,200 करोड़ कम
▪️ जल जीवन मिशन – ₹50,000 करोड़ की कटौती
SC-ST-OBC योजनाओं में भारी कटौती
कांग्रेस के अनुसार कमजोर वर्गों की योजनाओं में सीधा प्रहार हुआ—
▪️ PM अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना – ₹890 करोड़ कटौती
▪️ OBC/EBC/DNT छात्रवृत्ति – ₹690 करोड़ कटौती
▪️ SC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति – ₹360 करोड़ कटौती
▪️ ST विकास कार्यक्रम – ₹1,559 करोड़ कटौती
FY 2026-27 में भी घटा आवंटन
(BE 2026-27, RE 2025-26 से कम)
• खाद्य सुरक्षा
• यूरिया सब्सिडी
• गरीबों के लिए LPG योजना
• फसल बीमा योजना
• रक्षा क्षेत्र में विमान व एयरो इंजन
• नौसेना डॉकयार्ड परियोजनाएं
• वायुसेना परियोजनाएं
• राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी टेक्नोलॉजी
▪️ FY27 के लिए अनुमानित नाममात्र GDP वृद्धि केवल 10%, जो मौजूदा वर्ष से भी कम है।
कांग्रेस के मुख्य आरोप
सरकारी खर्च में भारी कटौती कर आंकड़े सुधारे गए
स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण उपेक्षित
जल जीवन मिशन को कुल बजट का मात्र 2% उपयोग
4.4% का fiscal deficit उपलब्धि नहीं, मजबूरी है
₹17.14 लाख करोड़ का capex आंकड़ा भ्रामक
गरीब, किसान, मिडिल क्लास, महिलाएं और युवा—सब उपेक्षित
“अर्थव्यवस्था के असली मुद्दों से मुंह मोड़ा”
कांग्रेस का कहना है कि बजट में—
- रुपये की गिरावट
- विदेशी निवेश का अभाव
- भारतीय कंपनियों द्वारा निवेश न करना
- और आर्थिक मंदी
जैसे गंभीर मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।











