
सूरजपुर में नशे में स्कूल पहुंचे सहायक शिक्षक निलंबित, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला सरईडांड़ बोंगा के सहायक शिक्षक को शराब के नशे में विद्यालय आने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
शराब के नशे में स्कूल पहुंचे सहायक शिक्षक निलंबित, कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई
सूरजपुर, 04 मार्च 2026। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सरईडांड़ बोंगा में पदस्थ सहायक शिक्षक रोशन लाल उरांव को शराब के नशे में विद्यालय पहुंचने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा के आदेशानुसार की गई है। मामले की पुष्टि एक वायरल वीडियो के आधार पर हुई, जिसमें शिक्षक को नशे की हालत में विद्यालय में देखा गया।
पढ़ाई पर पड़ रहा था प्रतिकूल प्रभाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित शिक्षक नियमित रूप से शराब का सेवन कर विद्यालय पहुंच रहे थे, जिससे अध्ययन-अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा था तथा विद्यार्थियों के मनोभाव पर नकारात्मक असर पड़ रहा था।
सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा कार्यालय प्रेमनगर, जिला सूरजपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि विगत माह शिक्षक की वेतन वृद्धि रोकी गई थी।
संकुल शैक्षिक समन्वयक, संकुल केंद्र बोंगा एवं ग्राम पंचायत बोंगा के सरपंच द्वारा निरीक्षण में शिक्षक के नशे में पाए जाने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, परंतु कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया और उनकी दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई थी।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर एस. जयवर्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि —
विद्यालय में अनुपस्थित रहने वाले,
नशे की हालत में विद्यालय पहुंचने वाले,
एवं विद्यार्थियों की शिक्षा में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर त्वरित निलंबन एवं वेतन वृद्धि अवरुद्ध करने जैसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।











