
सहारा समूह की जमीन बिक्री मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई शहरों में छापेमारी और तीन गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड की जमीन बिक्री मामले में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और ओडिशा में छापेमारी की। जांच में 32 एकड़ जमीन की संदिग्ध बिक्री, 500 से अधिक एफआईआर और तीन गिरफ्तारियों का खुलासा हुआ।
सहारा समूह से जुड़े भूमि सौदे में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई शहरों में छापेमारी
कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने 26 फरवरी 2026 को ओडिशा के बरहामपुर स्थित सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड की एक भूमि खंड की बिक्री से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) की धारा 17(1) के तहत की गई।
ईडी की टीमों ने अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), बल्लारी (कर्नाटक), भुवनेश्वर और बरहामपुर (ओडिशा) सहित कई परिसरों में छापेमारी की। जांच के दौरान विभिन्न व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए।
32 एकड़ भूमि की संदिग्ध बिक्री का मामला
जांच में सामने आया कि बरहामपुर की करीब 43 एकड़ भूमि में से लगभग 32 एकड़ जमीन को बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर एक सहारा कर्मचारी के पक्ष में दिसंबर 2025 में कथित तौर पर बेचा गया। इस दौरान सहारा समूह के वरिष्ठ प्रबंधन के निर्देशों पर यह बिक्री की गई बताई जा रही है।
ईडी के अनुसार घोषित बिक्री मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य के बीच भारी अंतर पाया गया है। जांच एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्य, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
देशभर में 500 से ज्यादा एफआईआर दर्ज
ईडी ने बताया कि सहारा समूह की विभिन्न संस्थाओं के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 500 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। इनमें से 300 से अधिक मामलों में पीएमएलए के तहत अपराध शामिल हैं। आरोप है कि जमाकर्ताओं से धन जुटाकर उसे दोबारा निवेश नहीं किया गया और परिपक्व राशि का भुगतान भी नहीं किया गया।
पीओजी योजना के जरिए धन के दुरुपयोग का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि सहारा समूह कथित तौर पर पीओजी योजना संचालित कर रहा था। इसमें जमाकर्ताओं के धन का उपयोग बिना पर्याप्त निगरानी के किया जा रहा था और परिपक्व राशि के भुगतान के बजाय उसे अन्य योजनाओं में स्थानांतरित कर दिया जाता था।
ईडी के अनुसार समूह के भीतर विभिन्न इकाइयों के बीच बड़े पैमाने पर आंतरिक लेनदेन किए गए, जिससे भारी देनदारियां उत्पन्न हो गईं। साथ ही आरोप है कि जमाकर्ताओं की राशि का उपयोग संपत्तियों की खरीद, ऋण विस्तार और निजी उपयोग के लिए किया गया।
संपत्तियों की कुर्की और तीन गिरफ्तार
ईडी ने इस मामले में सहारा समूह की विभिन्न संपत्तियों और भूमि खंडों को कुर्क करते हुए पांच अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं। इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल बेलापरवाला अवस्थी और ओ.पी. श्रीवास्तव शामिल हैं, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
ईडी के अनुसार इस मामले में पहले ही अभियोजन शिकायत और अनुपूरक शिकायत अदालत में दायर की जा चुकी है और मामले की आगे की जांच जारी है।











