
बलरामपुर में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, कलेक्टर ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
बलरामपुर जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लू से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नागरिकों को लक्षण, बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।
बलरामपुर में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, कलेक्टर ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
बलरामपुर, 12 मार्च 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लू (हीट वेव) से बचाव और प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत आम लोगों को लू के लक्षणों की पहचान, बचाव के उपाय और प्रारंभिक उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि गंभीर स्थिति में लोगों की जान बचाई जा सके।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर न निकलें, समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
लू के प्रमुख लक्षण
सामान्यतः लू लगने पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं—
- सिर में भारीपन और दर्द
- तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना
- चक्कर आना और उल्टी होना
- कमजोरी और शरीर में दर्द
- शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीना न आना
- अत्यधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना
- भूख कम लगना और बेहोशी
तेज धूप और अधिक समय तक गर्मी में रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज, विशेषकर नमक की कमी हो जाती है, जिससे लू लगने की संभावना बढ़ जाती है।
लू से बचाव के उपाय
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने लू से बचाव के लिए जरूरी सुझाव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि—
- अत्यधिक आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें।
- धूप में निकलते समय सिर और कान को कपड़े से ढंकें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- लंबे समय तक धूप में रहने से बचें।
- गर्मी के मौसम में हल्के और सूती कपड़े पहनें।
- अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल का सेवन करें।
- चक्कर या मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करें।
- फल का रस, लस्सी और मट्ठा जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।
लू लगने पर प्रारंभिक उपचार
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसके सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, अधिक पानी या अन्य पेय पदार्थ पिलाएं और उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्था या अस्पताल में उपचार के लिए ले जाएं। प्रारंभिक सलाह के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क परामर्श भी लिया जा सकता है।











