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रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: लैलूंगा के नवीन घटगांव में अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़





रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: लैलूंगा के नवीन घटगांव में अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़


बड़ी खबर: रायगढ़ के लैलूंगा में अफीम की अवैध खेती का पर्दाफाश; पुलिस ने तीन स्थानों पर मारा छापा

📍 रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 📅 अपडेटेड: 24 मार्च, 2026
सावधान! रायगढ़ के लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घटगांव में गुप्त रूप से की जा रही थी अफीम की खेती। किसानों की सजगता से पुलिस को मिली बड़ी सफलता।

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर मादक पदार्थों की अवैध खेती का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के लैलूंगा ब्लॉक अंतर्गत आने वाले नवीन घटगांव में पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अफीम (Opium) के पौधे बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस को मिली गुप्त सूचना और स्थानीय ग्रामीणों की सजगता के आधार पर की गई है।

कार्रवाई का विवरण: तीन अलग-अलग ठिकानों पर दबिश

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि नवीन घटगांव के कुछ ग्रामीण अपने खेतों के बीच में छिपाकर अफीम की अवैध खेती कर रहे हैं। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और मौके के लिए रवाना की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अफीम की खेती किसी एक जगह नहीं, बल्कि गांव के तीन अलग-अलग खेतों में की जा रही थी।

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आरोपी और जप्त रकबे का विवरण

पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद तीन मुख्य आरोपियों की पहचान की है, जिन्होंने अपने निजी स्वामित्व वाले खेतों में अफीम की फसल उगाई थी:

आरोपी का नाम खेती का रकबा (डिशमिल) स्थान
साधुराम नागवंशी 10 डिशमिल नवीन घटगांव, लैलूंगा
जगतराम 02 डिशमिल नवीन घटगांव, लैलूंगा
अभिमन्यु नाग 15 डिशमिल नवीन घटगांव, लैलूंगा

कुल रकबा: लगभग 27 डिशमिल से अधिक क्षेत्र में अफीम की मौजूदगी पाई गई है। प्रारंभिक सूचनाओं में कुल रकबा 50 डिशमिल तक होने का अनुमान लगाया जा रहा था, जिसकी अब सूक्ष्मता से पैमाइश की जा रही है।

पुलिस की जांच प्रक्रिया

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने अफीम के पौधों को जप्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि अफीम के पौधे पूरी तरह से तैयार थे और उनमें फूल एवं डोडे (Capsules) आने शुरू हो गए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों को अफीम के बीज कहाँ से प्राप्त हुए और वे इस प्रतिबंधित फसल को कहाँ खपाने की तैयारी में थे।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब क्षेत्र में ऐसी संदिग्ध खेती देखी गई है, लेकिन इस बार पुलिस की मुस्तैदी ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस की टीम फिलहाल गांव में डेरा डाले हुए है और अन्य संदिग्ध खेतों की भी जांच की जा रही है।

बढ़ता नेटवर्क: प्रशासन के लिए चिंता का विषय

रायगढ़ जिला ओडिशा और झारखंड की सीमाओं से सटा होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। लैलूंगा के सुदूर इलाकों में अफीम की खेती मिलना इस बात का संकेत है कि तस्कर अब सुदूर गांवों के भोले-भाले किसानों को लालच देकर इस अवैध कारोबार में धकेल रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक (SP) रायगढ़ ने अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की संदिग्ध खेती या गतिविधियों की सूचना मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

रिपोर्ट: क्राइम डेस्क | रायगढ़ ब्यूरो

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