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रायपुर में ज्ञानभारतम् मिशन: पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों का होगा डिजिटल संरक्षण, कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति गठित | प्रदेश खबर






रायपुर: पांडुलिपि संरक्षण अभियान – प्रदेश खबर


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विरासत संरक्षण | गौरवशाली इतिहास

रायपुर में सहेजी जाएगी सदियों पुरानी विरासत: ज्ञानभारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों का होगा डिजिटल संग्रहण

संपादक: आशीष सिन्हा | 25 मार्च, 2026 | स्थान: रायपुर (छत्तीसगढ़)

भारत सरकार के ‘ज्ञानभारतम् मिशन’ के तहत रायपुर जिले में दुर्लभ पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में गठित जिला समिति ने इस दिशा में पहली महत्वपूर्ण बैठक की।

रायपुर: जिले की ऐतिहासिक और ज्ञान-परंपरा को अगली पीढ़ी तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए प्रशासन ने पांडुलिपियों के संरक्षण की कवायद शुरू कर दी है। कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत और संस्थागत रूप से उपलब्ध पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों का संग्रहण कर उन्हें सूचीबद्ध करना है।

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अभियान की मुख्य बातें:

  • सर्वे का दायरा: 75 वर्ष से अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेज जो कागज, ताड़पत्र या भोजपत्र पर अंकित हों।
  • डिजिटल मैपिंग: संस्कृत कॉलेज रायपुर में उपलब्ध पांडुलिपियों की मैपिंग कर उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
  • तकनीकी मदद: सर्वेक्षण कार्य ‘GYAN BHARAT MOBILE APP’ के माध्यम से किया जाएगा।
  • स्वामित्व: पांडुलिपि का मालिकाना हक मूल संग्रहकर्ता के पास ही सुरक्षित रहेगा।

3,222 से अधिक सर्वे पूर्ण, अब पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण

बैठक में पुरातत्वविद प्रभात सिंह ने बताया कि पूर्व में 2006-07 में शुरू हुए इस कार्य के बाद अब तक 3,222 सर्वे किए जा चुके हैं। अब शिक्षा विभाग के सहयोग से पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कर्मियों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रसिद्ध इतिहासकार रमेन्द्रनाथ मिश्र ने भी रायपुर में बहुमूल्य पांडुलिपियों की उपलब्धता पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

आने वाली पीढ़ी के लिए ज्ञान का भंडार

कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि इन पांडुलिपियों के संरक्षित होने से आने वाली पीढ़ी न केवल अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित होगी, बल्कि यह उनके लिए शोध और ज्ञान का एक बड़ा स्रोत साबित होगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, डीईओ हिमांशु भारती, नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय और उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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