
छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की बड़ी बैठक: इंदरजीत सिंह खालसा ने तय की भविष्य की रणनीति, बस्तर या जशपुर में होगा राष्ट्रीय समागम | प्रदेश खबर
रायपुर में स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित। साल 2026-27 के लिए स्वास्थ्य जागरूकता, वृक्षारोपण और रोवर-रेंजर जंबूरी जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर मुहर।
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राज्य मुख्यालय रायपुर | विशेष रिपोर्ट
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की अहम बैठक: साल भर के कार्यक्रमों का ब्लूप्रिंट तैयार, बस्तर या जशपुर में होगा बड़ा समागम
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए। राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा की मौजूदगी में संगठन के विस्तार पर सहमति बनी।
रायपुर: राजधानी रायपुर स्थित राज्य मुख्यालय में आज भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की राज्य कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के आगामी युवा कार्यक्रमों और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर गहन मंथन हुआ। बैठक की शुरुआत पारंपरिक प्रार्थना और पदाधिकारियों के स्वागत के साथ हुई।
वंदे मातरम कार्यक्रम की सफलता और राष्ट्रीय जंबूरी का गौरव
अपने संबोधन में इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित “वंदे मातरम” कार्यक्रम में प्रदेश भर के 5 हजार स्काउट्स ने हिस्सा लिया, जो संगठन की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मिली पहली राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी की सफलता का भी जिक्र किया, जिसमें देशभर से 12 हजार युवाओं ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया था।
आगामी वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यक्रम:
- पर्यावरण संरक्षण: वृक्षों को राखी बांधने की अनूठी पहल।
- राष्ट्र प्रेम: सीमा पर तैनात सैनिकों के सम्मान में राखी भेजना।
- युवा शक्ति: स्वामी विवेकानंद जयंती पर संभाग स्तरीय भव्य आयोजन।
- जागरूकता: प्रदेशव्यापी स्वास्थ्य जागरूकता और कौशल विकास अभियान।
- ट्रेनिंग: शिमला या दार्जिलिंग में बेसिक कमिश्नर कोर्स का आयोजन।
बस्तर या जशपुर में राष्ट्रीय समागम की तैयारी
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी राष्ट्रीय स्तर के रोवर-रेंजर समागम का आयोजन बस्तर या जशपुर के आदिवासी अंचलों में किया जाएगा। इसका उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, राज्यपाल अलंकरण समारोह की तैयारियों और राज्य प्रशिक्षण केंद्रों (झांकी अभनपुर एवं झीपन) के विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई।
प्रशासनिक निर्णय और वेतन वृद्धि
कार्यकारिणी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सभी जिलों में स्काउट-गाइड कार्यालय हेतु कलेक्टरों को पत्र जारी करने और जिला संगठन/प्रशिक्षण आयुक्तों की नियुक्ति पर सहमति दी। साथ ही, कर्मचारियों के वेतन वृद्धि और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वार्षिक बजट को भी मंजूरी प्रदान की गई।











