दैनिक पंचांग: 10 अप्रैल 2026
शुक्रवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त और पंचांग देखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की जानकारी प्राप्त करते हैं। आइये जानते हैं आज 10 अप्रैल 2026 का विस्तृत पंचांग।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
| सूर्योदय | 06:01 AM |
| सूर्यास्त | 06:44 PM |
| चन्द्रोदय | 01:52 AM (11 अप्रैल) |
| चन्द्रास्त | 11:45 AM |
आज का पंचांग विवरण
| संवत्सर | पिंगल (विक्रम संवत 2083) |
| मास | चैत्र |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | अष्टमी (शाम 05:12 तक, उसके बाद नवमी) |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा (रात 09:30 तक, फिर श्रवण) |
| योग | शिव (दोपहर 12:15 तक, फिर सिद्ध) |
| करण | कौलव (शाम 05:12 तक, फिर तैतिल) |
| वार | शुक्रवार |
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
| अभिजीत मुहूर्त | 11:57 AM से 12:48 PM |
| अमृत काल | 03:45 PM से 05:22 PM |
| विजय मुहूर्त | 02:30 PM से 03:21 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:42 PM से 07:05 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:25 AM से 05:13 AM |
अशुभ समय (Ashubh Samay)
| राहुकाल | 10:47 AM से 12:22 PM |
| यमगण्ड | 03:33 PM से 05:08 PM |
| गुलिक काल | 07:37 AM से 09:12 AM |
| दुर्मुहूर्त | 08:33 AM से 09:24 AM |
आज का विशेष: आज शुक्रवार का दिन संतोषी माता और माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए उत्तम है। आज चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी रहता है। राहुकाल के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचें।
चंद्र राशि और दिशाशूल
| चंद्र राशि | मकर (पूरा दिन-रात) |
| सूर्य राशि | मीन |
| दिशाशूल | पश्चिम दिशा (आज पश्चिम की यात्रा करने से बचें) |
पंचांग का महत्व
पंचांग के पांच अंग होते हैं- तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कोई कार्य सही नक्षत्र और शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो उसकी सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। शुक्रवार का पंचांग विशेष रूप से भौतिक सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए देखा जाता है।










