अम्बिकापुर, 15 अप्रैल 2026
अम्बिकापुर: महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार के ऐतिहासिक निर्णय ’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का सरगुजा सहित पूरे देश में भव्य स्वागत हो रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह ने इस अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र का मील का पत्थर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
“लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्म-सम्मान और राजनीतिक अधिकारों की नई पहचान है। इससे नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी न केवल सुनिश्चित होगी, बल्कि सुदृढ़ भी होगी।”
– निरूपा सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत सरगुजा
नीति-निर्माण में बढ़ेगी महिलाओं की सक्रिय भूमिका
निरूपा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया यह अधिनियम समस्त महिलाओं के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। इस ऐतिहासिक निर्णय से छत्तीसगढ़ की बहनों में हर्ष का माहौल है। अब महिलाएं देश की सबसे बड़ी पंचायतों में बराबर की सहभागिता निभा सकेंगी, जो प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति भी कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त होकर उभरेंगी। यह 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को नेतृत्व के नए और प्रभावशाली अवसर प्रदान करेगा।
महिला नेतृत्व के नए कीर्तिमान
जिला पंचायत अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। जब महिलाएं नीति-निर्माण में अपनी आवाज उठाएंगी, तो वह पहले से अधिक प्रभावशाली होगी। इससे भविष्य में महिला नेतृत्व के नए कीर्तिमान स्थापित होंगे और समाज का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा।











