तेलंगाना में सियासी घमासान: भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव अपने ही घर में नजरबंद, पुलिस का भारी पहरा
बड़ी खबर: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज सुबह से ही भारी राजनीतिक तनाव देखा जा रहा है। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के विरोध में भाजपा द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बीच, हैदराबाद पुलिस ने तेलंगाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव को उनके आवास पर नजरबंद (House Arrest) कर दिया है।
शुक्रवार को लोकसभा में मोदी सरकार द्वारा लाए गए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को विपक्ष के कड़े विरोध के कारण गिरना पड़ा। भाजपा ने इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने ‘महिला विरोधी’ मानसिकता के चलते इस महत्वपूर्ण सुधार को रोका है।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई और नजरबंदी
हैदराबाद के तरनाका स्थित रामचंद्र राव के आवास के बाहर शनिवार तड़के ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए जुटना शुरू किया, पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए राव को घर से बाहर निकलने से रोक दिया। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नजरबंदी के दौरान रामचंद्र राव ने मीडिया से फोन पर बात करते हुए कहा, “कांग्रेस सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। जब हम संसद में महिलाओं और जनता के अधिकारों की बात कर रहे हैं, तो राज्य की पुलिस का इस्तेमाल कर हमारी आवाज को दबाया जा रहा है। यह नजरबंदी हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगी।”
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का महत्व
यह विधेयक केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा था, जो मुख्य रूप से महिला आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रियाओं से जुड़ा था। भाजपा का कहना है कि इस विधेयक के जरिए 2026 में होने वाले परिसीमन से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने का रास्ता साफ होना था। हालांकि, दक्षिण भारतीय राज्यों की कुछ पार्टियों और कांग्रेस ने इसके मौजूदा स्वरूप पर आपत्ति जताई थी, जिसके चलते लोकसभा में बहुमत न मिल पाने के कारण यह विधेयक अटक गया।
भाजपा का राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शुक्रवार रात ही दिल्ली से सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश जारी किए थे कि शनिवार को जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस का पुतला फूंका जाए और जनता को बताया जाए कि कैसे विपक्ष विकास में बाधा बन रहा है। तेलंगाना में यह प्रदर्शन और भी उग्र होने की संभावना थी, क्योंकि भाजपा यहाँ मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर रही है।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्रियों ने इस नजरबंदी की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि तेलंगाना में ‘प्रजा पालन’ (जनता का शासन) के नाम पर ‘तानाशाही’ चल रही है। भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर #JusticeForTelangana और #AntiWomanCongress जैसे हैशटैग के साथ अभियान शुरू कर दिया है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, शहर के संवेदनशील इलाकों में धारा 144 जैसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। भाजपा मुख्यालय (श्याम प्रसाद मुखर्जी भवन) के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह के हिंसक टकराव को टाला जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के रैली या जुलूस निकालने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगामी रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से तेलंगाना में कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहा ‘पोस्टर वॉर’ और जुबानी जंग अब सड़क पर उतर आई है। रामचंद्र राव की नजरबंदी के विरोध में भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता अब राज्यपाल से मिलने का समय मांग रहे हैं।








