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अवैध कोयला खनन: ED की बड़ी कार्रवाई, 159 करोड़ की संपत्ति कुर्क | Coal Scam Update 2026






बड़ी कार्रवाई: अवैध कोयला खनन मामले में ED ने 159.51 करोड़ की संपत्ति कुर्क की, कुल जब्ती 482 करोड़ पार


अवैध कोयला खनन मामला: ED की बड़ी चोट, 159.51 करोड़ की संपत्ति कुर्क; ‘लाला पैड’ और हवाला नेटवर्क का खुलासा

नई दिल्ली/कोलकाता | 18 अप्रैल 2026 | अपडेटेड: 10:45 AM

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। ED मुख्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। इस ताज़ा कार्रवाई के साथ ही इस पूरे मामले में अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य बढ़कर 482.22 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्य बिंदु:

  • ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के पट्टा क्षेत्रों से कोयले की चोरी का मामला।
  • सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अनूप माजी उर्फ ‘लाला’ मुख्य आरोपी।
  • श्याम ग्रुप की कंपनियों—श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और श्याम फेरो एलॉयज लिमिटेड की संपत्तियां कुर्क।

सिंडिकेट और कंपनियों की मिलीभगत

ED की जांच में यह खुलासा हुआ है कि अवैध खनन का संचालन अनूप माजी उर्फ ‘लाला’ द्वारा संचालित एक सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा था। पश्चिम बंगाल की कुछ लाभार्थी कंपनियों ने जानबूझकर अवैध रूप से खनन किया गया कोयला नकद (Cash) में खरीदा। इन कंपनियों ने अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) को वैध दिखाने में मदद की।

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कुर्क की गई संपत्तियों में कॉर्पोरेट बॉन्ड और वैकल्पिक निवेश फंड जैसे चल वित्तीय साधनों में निवेश शामिल हैं। ये निवेश श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और श्याम फेरो एलॉयज लिमिटेड के नाम पर थे, जो श्याम ग्रुप का हिस्सा हैं और संजय अग्रवाल तथा बृज भूषण अग्रवाल द्वारा नियंत्रित हैं।

मोडस ऑपरेंडी: ‘लाला पैड’ और 10-20 के नोट का खेल

जांच में अवैध परिवहन के लिए एक अनूठे सिस्टम “लाला पैड” का पता चला है। यह गैर-मौजूद संस्थाओं के नाम पर जारी किए गए फर्जी टैक्स इनवॉइस (Challan) के रूप में काम करता था।

हैरान करने वाली बात यह है कि ट्रांसपोर्टर को फर्जी चालान के साथ 10 या 20 रुपये का एक नोट दिया जाता था। ट्रांसपोर्टर उस नोट की फोटो ट्रक की नंबर प्लेट के साथ खींचकर सिंडिकेट ऑपरेटर को व्हाट्सएप पर भेजता था। ऑपरेटर इस फोटो को संबंधित पुलिस अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों को भेज देता था, जिससे रास्ते में ट्रक को रोका न जाए, और यदि रोका जाए तो तुरंत छोड़ दिया जाए।

हवाला नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग

ED ने अपराध की कमाई को बैंकिंग चैनलों से बचाकर इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक भूमिगत हवाला नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है। इन लेन-देन को सत्यापित करने के लिए करेंसी नोटों के सीरियल नंबर का उपयोग किया जाता था। जैसे ही सीरियल नंबर मेल खाता, बिना किसी दस्तावेज़ के नकदी सौंप दी जाती थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने दोहराया है कि वह अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आर्थिक अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा, क्योंकि ये सार्वजनिक संसाधनों और देश की आर्थिक अखंडता को नुकसान पहुँचाते हैं। इस मामले में जांच अभी भी जारी है और ED सिंडिकेट के अन्य परतों और लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी है।


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