कोरबा: राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करने वाले पटवारी दीपक कुमार सिंह निलंबित, कलेक्टर कुणाल दुदावत की बड़ी कार्रवाई






कोरबा: राजस्व अभिलेखों में बड़ी गड़बड़ी, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पटवारी दीपक कुमार सिंह को किया निलंबित

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बड़ी कार्रवाई

राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने वाले पटवारी पर गिरी गाज: कलेक्टर कुणाल दुदावत ने थमाया निलंबन आदेश

कोरबा | 21 अप्रैल 2026 | ब्यूरो रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अख्तियार किया है। शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और राजस्व दस्तावेजों के साथ गंभीर छेड़छाड़ के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत देखी जा रही है।

मुख्य आरोप: पटवारी पर ग्राम करूमौहा में पदस्थापना के दौरान बिना किसी वैध आदेश के भुइयां पोर्टल पर रकबा (जमीन का क्षेत्रफल) कई गुना बढ़ाकर दर्ज करने और शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी करने की पुष्टि हुई है।

तहसीलदार की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

पूरे मामले की जड़ें तहसीलदार भैंसमा द्वारा प्रस्तुत की गई एक विस्तृत जांच रिपोर्ट में छिपी हैं। कलेक्टर के निर्देश पर हुई इस जांच में यह पाया गया कि दीपक कुमार सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताएं बरती हैं। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है, जो एक लोक सेवक के लिए अक्षम्य है।

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जादू की तरह बढ़ा दिया जमीन का रकबा

राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल ‘भुइयां’ पर जो छेड़छाड़ की गई, वह बेहद चौंकाने वाली है। जांच के दौरान ग्राम करूमौहा के दो प्रमुख खसरा नंबरों में भारी अंतर पाया गया:

खसरा नंबर वास्तविक रकबा (हेक्टेयर) बढ़ाकर किया गया रकबा (हेक्टेयर) गड़बड़ी का प्रकार
176/1/ख/1 0.016 1.600 नियम विरुद्ध वृद्धि
84/4 ख 0.710 71.000 बिना वैध आदेश पोर्टल एंट्री

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मामूली जमीन को दस्तावेजों में विशाल भूखंड के रूप में तब्दील कर दिया गया। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के ऑनलाइन रिकॉर्ड बदलना तकनीकी और कानूनी रूप से गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई

इन गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के प्रकाश में आने के बाद, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर ने निलंबन आदेश जारी किया है।

“पटवारी दीपक कुमार सिंह का यह कृत्य शासकीय सेवा की गरिमा के प्रतिकूल है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है। नियमानुसार, उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।”

प्रशासन की कड़ी चेतावनी

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इस कार्रवाई के माध्यम से जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय रिकॉर्ड के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या आम जनता के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व विभाग सीधे तौर पर ग्रामीणों और किसानों की आजीविका से जुड़ा होता है, ऐसे में ऑनलाइन पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज करना पूरे तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।

सूत्रों का कहना है कि प्रशासन अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि क्या इस गड़बड़ी में किसी अन्य व्यक्ति या बाहरी भू-माफिया का हाथ तो नहीं है। फिलहाल, पटवारी के निलंबन से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और रिकॉर्ड दुरुस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।