लखनऊ से अखिलेश यादव की हुंकार: “सपा महिलाओं को अधिकार दिलाने के साथ, भाजपा ही है आरक्षण की असली बाधक”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस विधेयक के साथ खड़ी है, लेकिन भाजपा की नीतियां इसे लागू करने में बाधा बन रही हैं।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में आज राजनीतिक सरगर्मियां उस वक्त बढ़ गईं जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से रूबरू होते हुए ‘INDIA’ गठबंधन की हालिया रणनीतियों और सफलताओं पर चर्चा की। अखिलेश यादव ने गठबंधन के सभी नेताओं को बधाई देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया और भाजपा के ‘आरक्षण विरोधी’ चेहरे को बेनकाब करने का दावा किया।
लोकतांत्रिक जीत और गठबंधन की मजबूती
अखिलेश यादव ने संबोधन की शुरुआत गठबंधन की एकता से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी दलों ने एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है, वह काबिले तारीफ है। यह जीत केवल एक राजनीतिक जीत नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों देशवासियों की जीत है जो संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर और बाहर सपा ने हमेशा जनता की आवाज को बुलंद किया है।
महिला आरक्षण: सपा की प्रतिबद्धता और भाजपा पर आरोप
महिला आरक्षण विधेयक पर समाजवादी पार्टी के स्टैंड को स्पष्ट करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा महिलाओं को केवल ‘वोट बैंक’ नहीं मानती, बल्कि उन्हें सशक्त बनाने के लिए आरक्षण की पक्षधर है। उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को केवल चुनावी लाभ के लिए लटकाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब तक जातिगत जनगणना नहीं होती, तब तक महिला आरक्षण का लाभ पिछड़ी, दलित और अल्पसंख्यक महिलाओं को सही मायने में नहीं मिल पाएगा।
अखिलेश यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि सपा ने हमेशा सदन में यह मांग उठाई है कि आरक्षण के भीतर आरक्षण (Quota within Quota) सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग की महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिल सके। उनके अनुसार, भाजपा की नीतियां भ्रम पैदा करने वाली हैं और वे महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकना चाहती हैं।
आगामी राजनीतिक दिशा
प्रेस वार्ता के अंत में अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाएं और भाजपा की विफलताओं को उजागर करें। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव लोकतंत्र को बचाने की आखिरी लड़ाई साबित होंगे और INDIA गठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में डटा रहेगा। लखनऊ की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को विशेषज्ञों द्वारा 2026 के आगामी समीकरणों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।











