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ED की बड़ी कार्रवाई: रिलायंस कम्युनिकेशंस की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति कुर्क; अनिल अंबानी समूह पर ₹19,344 करोड़ का शिकंजा





बड़ी कार्रवाई: ED ने रिलायंस कम्युनिकेशंस की 3034 करोड़ की संपत्ति कुर्क की; अनिल अंबानी समूह पर शिकंजा कस


ED बड़ी कार्रवाई | बैंक धोखाधड़ी मामला

अनिल अंबानी समूह पर ED का बड़ा प्रहार: ₹3,034 करोड़ की संपत्ति कुर्क; अब तक कुल ₹19,344 करोड़ की कुर्की

ब्यूरो: आर्थिक अपराध डेस्क, प्रदेश खबर
दिनांक: 29 अप्रैल, 2026 | स्थान: नई दिल्ली/मुंबई

नई दिल्ली/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) और अनिल अंबानी समूह के खिलाफ चल रहे बैंक धोखाधड़ी मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत रिलायंस कम्युनिकेशंस की ₹3,034.90 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क कर लिया है। इस नई कार्रवाई के साथ ही अनिल अंबानी समूह से जुड़े विभिन्न मामलों में अब तक कुल कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य ₹19,344 करोड़ से अधिक हो गया है।

ED प्रेस विज्ञप्ति का मुख्य अंश:
“जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने प्रमोटर समूह की कई संपत्तियों की पहचान की, जिन्हें बैंकों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा प्राप्त ऋणों के दुरुपयोग और धन शोधन (Money Laundering) के गंभीर आरोपों के आधार पर की गई है।”

किन संपत्तियों पर चला ED का हंटर?

ED द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में न केवल अचल संपत्ति शामिल है, बल्कि भारी मात्रा में शेयर भी शामिल हैं। जांच एजेंसी ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के उन करोड़ों शेयरों को भी जब्त किया है जो एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट के अंतर्गत रखे गए थे।

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कुर्क की गई प्रमुख संपत्तियों की सूची:

  • मुंबई का फ्लैट: मुंबई के प्रतिष्ठित उषा किरण भवन में स्थित एक आलीशान फ्लैट।
  • खंडाला फार्महाउस: पुणे के पास खंडाला में स्थित एक विशाल और कीमती फार्महाउस।
  • साणंद की भूमि: गुजरात के अहमदाबाद स्थित साणंद में एक बड़ा भू-खंड।
  • रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर: राइज़ई ट्रस्ट (RiseE Trust) के अंतर्गत धारित रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर।

₹40,185 करोड़ का कर्ज और बैंकों की शिकायत

इस पूरे मामले की शुरुआत भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर CBI द्वारा दर्ज की गई FIR से हुई थी। जांच में पाया गया कि रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी समूह कंपनियों ने देशी-विदेशी लेनदारों से भारी ऋण प्राप्त किया, जिसमें से ₹40,185 करोड़ की राशि अभी भी बकाया है।

विवरण मूल्य (करोड़ में)
ताजा कुर्की (28-04-2026) ₹3,034.90 करोड़
अनिल अंबानी समूह की कुल कुर्की ₹19,344+ करोड़
कुल बकाया ऋण (बकाया राशि) ₹40,185 करोड़

ट्रस्ट की आड़ में संपत्ति छुपाने का आरोप

ED की जांच में ‘राइज़ई ट्रस्ट’ (RiseE Trust) की संरचना को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस ट्रस्ट का गठन संपत्तियों को समेकित करने और उन्हें रिलायंस कम्युनिकेशंस के ऋणों के विरुद्ध दी गई व्यक्तिगत गारंटियों से उत्पन्न देनदारियों से बचाने के उद्देश्य से किया गया था। आरोप है कि इन संपत्तियों का उपयोग बैंकों के ऋण चुकाने के बजाय अनिल अंबानी परिवार के निजी लाभ के लिए किया जा रहा था।

आगे की कार्रवाई

ED ने स्पष्ट किया है कि रिलायंस अनिल अंबानी समूह (ADAG) के उन मामलों की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित किया गया था। एजेंसी सार्वजनिक धन के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और मामले में आगे की जांच जारी है।

प्रस्तुति: आर्थिक डेस्क, प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क

संपादक: आशीष सिन्हा | स्थान: अंबिकापुर, छत्तीसगढ़

© 2026 सर्वाधिकार सुरक्षित।


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