“भारतीय सेना अब स्वावलंबी”: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर सीएम धामी ने गिनाईं रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल (2014-2026) को भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्ण युग बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा ही नहीं कर रहा, बल्कि दुनिया के 80 से अधिक देशों को अत्याधुनिक रक्षा उपकरण निर्यात कर एक ‘नेट एक्सपोर्टर’ बन चुका है।
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने वैश्विक संकटों के दौरान भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक तैयारी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब भी देश या दुनिया के सामने संकट आया, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समन्वय स्थापित किया। उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की निर्भरता को कम करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर देने और फिजूलखर्ची रोकने के लिए विदेशी दौरों से बचने की सलाह दी थी।
रक्षा क्षेत्र में भारत की ऊँची उड़ान: मुख्य बिंदु
- आत्मनिर्भर सेना: भारतीय सेना अब हथियारों और गोला-बारूद के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता कम कर रही है।
- रक्षा निर्यात: मेड-इन-इंडिया रक्षा उपकरण अब 80 से अधिक देशों की सेनाओं का हिस्सा हैं।
- सैनिक कल्याण: वन रैंक वन पेंशन (OROP) से लेकर आधुनिक आवासों तक, सैनिक परिवारों की मांगों का त्वरित समाधान।
- ऑपरेशन सिंदूर: पिछले वर्ष इस रणनीतिक ऑपरेशन ने भारत की उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा ढांचे को नई मजबूती प्रदान की।
देशों को निर्यात
वर्ष: ऑपरेशन सिंदूर
बदलाव का वर्ष
मुख्यमंत्री धामी ने अंत में कहा कि उत्तराखंड, जिसे ‘वीरभूमि’ कहा जाता है, के प्रत्येक परिवार का सेना से गहरा नाता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से भारतीय सेना को स्वदेशी मिसाइलों, टैंकों और लड़ाकू विमानों से लैस किया गया है, उससे प्रत्येक सैनिक और उनके परिवार का स्वाभिमान बढ़ा है।










