MP कैबिनेट की महा-सौगात: विकास और सामाजिक सुरक्षा के लिए 29,540 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई बड़े निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
बजट आवंटन की मुख्य झलकियां:
- लोक वित्त पोषित कार्यक्रम: ₹15,598 करोड़ की स्वीकृति।
- नगरीय मार्ग सुदृढ़ीकरण: ₹6,900 करोड़ का प्रावधान।
- वृद्धजन पेंशन योजना: ₹6,116 करोड़ की मंजूरी।
- बुदनी मेडिकल कॉलेज: ₹763.40 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति।
1. लोक वित्त और शहरी बुनियादी ढांचा
मंत्रि-परिषद ने 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) तक लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों की निरंतरता के लिए ₹15,598.27 करोड़ की स्वीकृति दी है। इसके तहत लंबित देनदारियों के लिए ₹13,818 करोड़ और कोषालयों की स्थापना के लिए ₹683.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। साथ ही, शहरी मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन के लिए ₹6,900 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
2. सामाजिक सुरक्षा: वृद्धजनों को संबल
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों के लिए ‘इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना’ के अगले 5 वर्षों तक संचालन के लिए ₹6,115.99 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र वृद्धजनों को ₹600 प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा: बुदनी में बनेगा मेडिकल हब
सीहोर जिले के बुदनी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए ₹763.40 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। यहाँ 100 सीटों वाला नवीन चिकित्सा महाविद्यालय, 500 बिस्तरों वाला अस्पताल और नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज (60-60 सीटें) स्थापित किए जाएंगे।
4. सिंचाई और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए ₹163.95 करोड़ की स्वीकृति दी है, जिससे 22 गाँवों की 5,200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा, राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है।
5. सड़क निर्माण और ठेकेदारों को राहत
वैश्विक स्तर पर डामर (बिटुमेन) की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए, सरकार ने 10 करोड़ से कम लागत वाले डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन (Price Adjustment) की स्वीकृति दी है। यह राहत 1 मई 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए लागू होगी। इसके साथ ही MPRDC की परियोजनाओं में मूल्य समायोजन की गणना अब त्रैमासिक के बजाय मासिक आधार पर की जाएगी।








