सुशासन की नई मिसाल
‘सुशासन तिहार’ से बदली परपटिया की तस्वीर: वनांचल की गरीब माँ सुखंती को मिला राशन कार्ड, बरसों का संघर्ष मिनटों में खत्म
अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘सुशासन’ की संकल्पना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित ’सुशासन तिहार’ आम नागरिकों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य भर में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन हो रहा है, जहाँ ग्रामीणों की माँगों का न केवल तत्काल पंजीयन हो रहा है, बल्कि मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
मजदूरी के सहारे तीन बच्चों की जिम्मेदारी
मैनपाट के सुदूर वनांचल क्षेत्र परपटिया की रहने वाली सुखंती मझवार की कहानी संघर्षों भरी रही है। तीन छोटे बच्चों की माँ सुखंती रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके पास राशन कार्ड नहीं था, जिससे उन्हें सस्ते अनाज का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
शिविर में हुआ त्वरित समाधान
परपटिया में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर सुखंती के लिए उम्मीद की किरण साबित हुआ। अधिकारियों के समक्ष अपनी व्यथा रखते ही, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई। मौके पर ही पात्रता की जाँच कर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण की गई और देखते ही देखते सुखंती को नया राशन कार्ड प्रदान कर दिया गया।
– सुखंती मझवार, हितग्राही
सुशासन: अंतिम छोर तक पहुँच
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ये शिविर ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिला रहे हैं। शिविरों के माध्यम से महत्वपूर्ण मामलों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है:
सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक सीधे पहुँचाना है। इन शिविरों से न केवल समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।







