आज का संपूर्ण पंचांग: 24 मई, 2026
तिथि: 24 मई 2026, रविवार
पंचांग का परिचय
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में ‘पंचांग’ का अर्थ होता है ‘पाँच अंग’। ये पाँच अंग मिलकर किसी भी दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। ये अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। पंचांग के माध्यम से हम सही समय पर शुभ कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं और ग्रहों की स्थिति का आकलन कर सकते हैं।
आज का मुख्य पंचांग विवरण (24 मई 2026)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार | रविवार |
| तिथि | अष्टमी |
| नक्षत्र | मघा |
| योग | व्याघात |
| करण | बालव |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| सूर्योदय | प्रातः 05:28 बजे |
| सूर्यास्त | सांय 07:08 बजे |
शुभ और अशुभ समय (Muhurat)
1. शुभ समय (अमृत काल और अभिजित मुहूर्त)
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए अभिजित मुहूर्त सबसे उत्तम माना जाता है। आज का अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:45 से 12:40 के बीच रहेगा। इस समय को नए कार्य, व्यापार या किसी महत्वपूर्ण अनुबंध के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
2. अशुभ समय (राहुकाल)
वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को किसी भी मांगलिक या नए कार्य के लिए वर्जित माना गया है। आज का राहुकाल सांय 05:15 से 06:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह का महत्वपूर्ण लेन-देन या यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए।
पंचांग का महत्व
पंचांग हमें काल की गणना सिखाता है। प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वज पंचांग देखकर ही खेती, व्यापार, विवाह और धार्मिक अनुष्ठानों का समय निर्धारित करते थे। चंद्रमा की कलाओं के आधार पर तय की गई तिथियाँ हमारे स्वास्थ्य और मन की स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं।
दैनिक ग्रहों की स्थिति
आज रविवार का दिन है, जो सूर्य देव को समर्पित है। सूर्य का प्रभाव जातक के आत्मबल और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है। रविवार के दिन सूर्य की उपासना करना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
आज का विशेष उपाय:
रविवार के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है। तांबे के पात्र में जल, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके साथ ही ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
डिस्क्लेमर: पंचांग में दिया गया समय स्थान के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। यह गणना सामान्य मानक समय (IST) पर आधारित है।











