आज का पंचांग: 30 मई 2026 (शनिवार)
भारतीय वैदिक पंचांग के अनुसार आज का विवरण निम्नलिखित है:
1. मुख्य पंचांग तालिका
| विक्रम संवत | 2083 (पिंगल) |
| शक संवत | 1948 |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत और पूर्णिमांत दोनों के अनुसार) |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| तिथि | त्रयोदशी (दोपहर 12:00 बजे तक), तदोपरांत चतुर्दशी |
| वार | शनिवार |
| नक्षत्र | स्वाति (प्रातः 09:12 बजे तक), तदोपरांत विशाखा |
| योग | व्यतीपात |
| करण | कौलव |
2. सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 05:25 बजे (अम्बिकापुर के संदर्भ में)
- सूर्यास्त: सायं 06:45 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 02:15 बजे
- चंद्रास्त: अगले दिन प्रातः 02:40 बजे
- चंद्र राशि: तुला (प्रातः 09:12 बजे तक), तत्पश्चात वृश्चिक
- सूर्य राशि: वृषभ
3. शुभ और अशुभ समय
शुभ समय (अमृत काल):
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 से दोपहर 12:44 तक (यह समय किसी भी कार्य के लिए श्रेष्ठ है)।
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:35 से 06:58 तक।
अशुभ समय (राहुकाल):
- राहुकाल: प्रातः 09:00 से 10:30 बजे तक। (इस समय में कोई भी नया कार्य प्रारंभ न करना उचित माना जाता है।)
- यमगण्ड: दोपहर 01:30 से 03:00 तक।
- गुलिक काल: प्रातः 06:00 से 07:30 तक।
4. आज का विशेष महत्व
आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है। शनिवार का दिन होने के कारण आज शनि देव की विशेष आराधना का विधान है। शनि दोष से मुक्ति के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। आज के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है, विशेषकर निर्धनों को भोजन और तिल का दान करना शुभ फलदायी होता है। स्वाति नक्षत्र और शनिवार का संयोग भी कार्यों में स्थिरता लाने के लिए उत्तम माना गया है।
5. दिशा शूल और सावधानी
आज का दिशा शूल ‘पूर्व’ दिशा की ओर है। अतः आज पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलते समय अदरक या गुड़ का सेवन करके निकलना शुभ माना जाता है।
नोट: उपर्युक्त समय स्थानीय भौगोलिक स्थिति के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।










