दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर में जिला मेडिकल बोर्ड के अधिकारी नदारद, परिजनों में भारी आक्रोश
सतना/उचेहरा: सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से आयोजित दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग शिविर में भारी लापरवाही सामने आई है। उचेहरा जनपद के परसमनियां में आयोजित शिविर में जिला मेडिकल बोर्ड के अधिकारियों के नदारद रहने से सैकड़ों दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिविर का उद्देश्य हुआ विफल
0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए यह शिविर रखा गया था। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत बच्चों को शिविर तक लाने के लिए अभिभावकों ने काफी मशक्कत की, लेकिन मौके पर डॉक्टर और बोर्ड की टीम के नदारद होने से पूरा कार्यक्रम बेअसर रहा।
जिम्मेदारों की अनदेखी
शिविर में जनपद के अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, लेकिन मेडिकल बोर्ड की अनुपस्थिति ने पूरी प्रक्रिया को ठप कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की उपस्थिति के बिना शिविर का कोई औचित्य नहीं है। घंटों इंतजार करने के बाद बच्चों को वापस घर ले जाना पड़ा।
अभिभावकों का दर्द
दूरस्थ इलाकों से आए परिजनों ने बताया कि दिव्यांग बच्चों को लाने ले जाने के लिए उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ शारीरिक थकान का भी सामना करना पड़ा। बिना किसी सूचना के अधिकारी नदारद रहे, जो बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।
प्रशासन से मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और भविष्य में होने वाले शिविरों में मेडिकल बोर्ड की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, परसमनियां में शीघ्र ही पुन: शिविर आयोजित करने की मांग की गई है ताकि बच्चों को प्रमाण पत्र मिल सके।











