Advertisement

मध्यप्रदेश गृह विभाग समीक्षा: पुलिस बल का आधुनिकीकरण और सिंहस्थ 2028 की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा में कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा, एडीजी श्री ए. साई मनोहर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मुस्तैद रहें।

शिक्षा केंद्रों के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें।

गौवंश रक्षा पर पूरा ध्यान दें, उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन हो।

भू-माफिया के विरूद्ध कार्यवाही सख्त हो। अपराधियों की सम्पत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें। संगठित अपराधियों पर निरंतर नजर रखी जाएं। मुखबिर तंत्र सशक्त रहना चाहिए।

राज्य में ई-चालान व्यवस्था और ई-साक्ष्य जैसे उपायों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। आईटी के अधिकतम प्रयोग से अपराधों के नियंत्रण और जांच कार्य में आसानी लाएं जिससे कि मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी बने।

प्रतिदिन ग्रामों से दूध ,सब्जी आदि लाने वाले किसानों को कृषक कल्याण वर्ष में जीवन रक्षा के लिए हेलमेट प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ऐसे अभिनव प्रयोग में सहयोगी बने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए उपयोगी हेलमेट के इस्तेमाल के लिए नागरिकों को जागरूक करने का अभियान जारी रखे।

पुलिसकर्मियों के लिए अपने आवास अर्थात आशियाने की व्यवस्था करने में गृह विभाग आवश्यक सहयोग दे। पुलिस लाइन्स में आवास गृहों की व्यवस्था और पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा नए आवास गृहों के निर्माण करवाने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, ताकि कम व्यय पर पुलिस जवानों को मकान उपलब्ध हो सके।

विभाग के श्रेष्ठ कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाए।

प्रदेश में नशा विरोधी अभियान निरंतर संचालित करें। युवाओं को हर हालत में नशे से बचाना है।

सिंहस्थ : 2028 में सुरक्षा उपकरणों के साथ ही पार्किंग, परिवहन और भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाएं।

प्रमुख उपलब्धियां और नवाचार

बैठक में गृह विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए श्रेष्ठ कार्यों की भी चर्चा हुई। प्रमुख उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी गई।

सैनिक कल्याण के क्षेत्र मध्यप्रदेश के कार्य की रक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई।

संपदा संचालनालय द्वारा शासकीय आवास गृह के ऑनलाइन आवंटन का कार्य किया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता वर्धन के लिए निरंतरण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM