बढ़ते बिजली बिल से परेशान सरगुजा की जनता: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किया विरोध





सरगुजा में बिजली दरों में वृद्धि और बदहाल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का विरोध

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

सरगुजा में बिजली दरों में बढ़ोतरी और बदहाल आपूर्ति को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

अम्बिकापुर: सरगुजा जिले में बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि और चरमराई विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं और इसे आम उपभोक्ताओं पर सीधा प्रहार बताया है।

मामले की गंभीरता को दर्शाने के लिए संलग्न दस्तावेज में स्पष्ट रूप से बिजली बिलों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं।

बिजली बिल में तिगुनी वृद्धि से उपभोक्ता परेशान

कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में बिजली की दरों में पांचवीं बार वृद्धि की गई है। आंकड़ों के अनुसार, प्रति यूनिट बिजली की कीमतों में 1.30 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। इसके अतिरिक्त, कृषि पंपों पर भी 40 पैसे की वृद्धि थोपी गई है, जबकि उन पर पहले से ही 12 प्रतिशत का विद्युत ईंधन अधिभार लागू है।

विरोध का एक मुख्य बिंदु ‘स्मार्ट मीटर’ भी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडिंग में असामान्य ‘जंप’ देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही, विभाग ‘अनुबंध भार’ के उल्लंघन का हवाला देकर उपभोक्ताओं पर भारी जुर्माना लगा रहा है। इन तमाम कारणों से आम बिजली उपभोक्ता का बिल पहले की तुलना में तिगुना तक पहुंच गया है, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

कांग्रेस का कार्यकाल बनाम वर्तमान स्थिति

जिला कांग्रेस कमेटी ने तुलना करते हुए कहा कि उनके पांच वर्षों के कार्यकाल में बिजली दरों में केवल 2 पैसे की मामूली वृद्धि की गई थी। इसके बावजूद, विभाग न केवल मुनाफे में था, बल्कि उपभोक्ताओं को ‘बिजली बिल हाफ’ योजना का लाभ भी दिया जा रहा था। कांग्रेस ने वर्तमान भाजपा सरकार पर कुप्रबंधन और अकुशलता का आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग के घाटे का बोझ अब जनता पर डाला जा रहा है।

प्रमुख मांगे:

  • बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
  • विद्युत ईंधन अधिभार के नाम पर वसूले जा रहे 12 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को समाप्त किया जाए।
  • राज्य में ‘बिजली बिल हाफ’ योजना को पुन: प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
  • स्मार्ट मीटर को स्वैच्छिक किया जाए और मीटर रीडिंग में आ रही तकनीकी खामियों की निष्पक्ष जांच हो।
  • अम्बिकापुर और संपूर्ण सरगुजा जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
  • अम्बिकापुर में मेंटेनेंस कार्य के लिए नियमित कर्मचारियों की भर्ती हो और ठेकेदारों-अधिकारियों की मिलीभगत की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाए।

यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मांग पत्र पर क्या रुख अपनाती है। क्षेत्र की जनता बिजली की ऊंची दरों और खराब आपूर्ति से निजात पाने के लिए सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।