विशेष रिपोर्ट: राजपुर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी का वेतन रोकने का मामला, उच्च अधिकारियों से जांच की मांग
बलरामपुर, छत्तीसगढ़: स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को दिए गए आवेदन में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार, राजपुर कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत राजीव सिंह पैकरा (RMO) ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनका वेतन रोक दिया गया है, जिससे उन्हें अत्यधिक आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता राजीव सिंह पैकरा के अनुसार, उनकी माताजी की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण उन्हें इलाज के लिए बाहर जाना पड़ा था। इसके लिए उन्होंने नियमानुसार दिनांक 22/04/2026 को अर्जित अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था और अधिकारियों से विधिवत अनुमोदन भी प्राप्त कर लिया था।
बीएमओ राजपुर पर भेदभाव के आरोप
राजीव सिंह पैकरा का आरोप है कि बीएमओ (BMO) राजपुर, डॉ. रमेश जायसवाल ने लगभग एक महीने बाद, दिनांक 25/05/2026 को पत्र क्रमांक 705/स्था/2026 के माध्यम से उनका वेतन रोकने की सूचना दी। शिकायतकर्ता का तर्क है कि:
- उन्हें इस संबंध में पहले कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।
- वेतन रोकने की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण रवैये को दर्शाती है।
- वेतन रुकने के कारण माताजी के इलाज हेतु आवश्यक धनराशि का प्रबंध करना कठिन हो गया है।
पसंदीदा व्यक्ति को लाभ पहुँचाने का आरोप
पत्र में सबसे गंभीर आरोप बीएमओ डॉ. रमेश जायसवाल पर लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि एक तरफ उनका वेतन रोका गया है, वहीं दूसरी ओर विभाग में नियमों की अनदेखी कर एक अन्य कर्मी (सुनीता बड़ा) को अनुचित लाभ पहुँचाया जा रहा है। पत्र के अनुसार, सुनीता बड़ा का चयन स्टाफ नर्स प्रशिक्षण के लिए हुआ था, जहाँ नियमतः केवल 2 वर्ष का वेतन ही शासन द्वारा दिया जाना है। आरोप है कि बीएमओ राजपुर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति के लिए सुनीता बड़ा को लगातार वेतन जारी रख रहे हैं, जबकि एक पीड़ित कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया है।
दस्तावेजी प्रमाण और कार्यवाही की मांग
इस शिकायत के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न किए गए हैं:
- माताजी की एम.आर.आई. (MRI) रिपोर्ट।
- अन्य आवश्यक मेडिकल जांच रिपोर्ट।
- अवकाश हेतु दिए गए आवेदन की प्रति।
- बीएमओ राजपुर द्वारा जारी पत्र की प्रति।
राजीव सिंह पैकरा ने सीएमएचओ से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, बीएमओ राजपुर की भूमिका पर संज्ञान लेने और अविलंब उनका वेतन बहाल करने की मांग की है। संलग्न फाइलों – पत्र में इस घटनाक्रम का विस्तृत विवरण और संबंधित साक्ष्य उपलब्ध हैं।















