ओडिशा को ₹47,600 करोड़ की सौगात: पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने लॉन्च किए मेगा प्रोजेक्ट्स






ओडिशा में विकास का नया अध्याय: राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने दी ₹47,600 करोड़ की सौगात

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राष्ट्रीय समाचार
दिनांक: 21 जून, 2026
स्थान: रायरंगपुर (ओडिशा)

महामहिम राष्ट्रपति और पीएम मोदी की उपस्थिति में ओडिशा को ₹47,600 करोड़ की महा-सौगात; राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर ‘विकास की नई धारा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (@narendramodi) के सोशल मीडिया संदेश पर आधारित विशेष रिपोर्ट:
“राष्ट्रपति जी के साथ ओडिशा में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया, जहां कई विकास कार्यों की शुरुआत की गई। राष्ट्रपति जी ने सुशासन और गरीबों के सशक्तिकरण पर केंद्रित एक अद्भुत भाषण दिया। मैं ओडिशा सरकार को प्रगति-उन्मुख सुशासन के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे करने पर बधाई देता हूं। ये रहे मुख्य अंश…”

रायगंगपुर/भुवनेश्वर: भारत के विकास मानचित्र पर पूर्वी भारत को मुख्यधारा में लाने के संकल्प के साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित रायरंगपुर में ₹47,600 करोड़ से अधिक की विभिन्न मेगा विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह ऐतिहासिक अवसर विशेष रूप से तब और महत्वपूर्ण हो गया जब प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को उनके 68वें जन्मदिवस पर बधाई दी और उनके पैतृक क्षेत्र मयूरभंज में उनके साथ विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का हिस्सा बने।

इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य ओडिशा में चल रही “विकास र धारा, ओडिशा सारा” (पूरे ओडिशा में विकास की धारा) पहल को आगे बढ़ाना था। यह कार्यक्रम ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने ‘प्रगति-उन्मुख सुशासन’ (Progress-oriented governance) का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: सुशासन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक साख

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुशासन और देश के वंचित तबकों के सशक्तिकरण पर एक प्रेरक और दिशात्मक भाषण दिया। उन्होंने देश के गरीब, आदिवासी और पिछड़े समाज के उत्थान को वास्तविक विकास की धुरी बताया।

“विकास तब तक अधूरा है जब तक उसका लाभ देश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। आदिवासी क्षेत्रों, आकांक्षी जिलों और सुदूर गांवों के मानव विकास सूचकांक (Human Development Indicators) में सुधार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ओडिशा के जनजातीय भाई-बहनों के जीवन में कल्याण का एक नया युग शुरू हो चुका है।”

– राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज वैश्विक पटल पर भारत की साख अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की आत्मनिर्भरता से लेकर वर्तमान वैश्विक अशांति और युद्ध की स्थितियों में भारत द्वारा शांति और संवाद (Mutual Dialogue) की वकालत ने दुनिया को एक नई राह दिखाई है। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की सराहना की, विशेष रूप से महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को ऐतिहासिक बताया।

पहाड़पुर गांव बनेगा देश का नया ‘सूर्य ग्राम’ (Solar Village)

इस दौरे का सबसे भावुक और ऐतिहासिक क्षण वह था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू एक साथ राष्ट्रपति के ससुराल के गांव ‘पहाड़पुर’ पहुंचे। दोनों नेताओं ने जनजातीय संस्कृति के अत्यंत पूजनीय और पवित्र स्थलों—’संथाली जाहेरा’ और ‘हो जाहेरा’ (Sacred Groves) में जाकर पूजा-अर्चना की और प्रकृति एवं संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।

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प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पहाड़पुर गांव को अब देश के एक मॉडल ‘सूर्य ग्राम’ (Solar Village) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत गांव के हर घर की छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएंगे और पूरा गांव अपनी बिजली खुद पैदा करेगा। पीएम मोदी ने कहा, “जिस तरह ओडिशा को कोणार्क के सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है, अब पहाड़पुर को अपनी सौर क्रांति के लिए ‘सूर्य ग्राम’ के रूप में देश-दुनिया में नई पहचान मिलेगी।”

₹47,600 करोड़ की प्रमुख परियोजनाएं: एक नज़र में

ओडिशा के समग्र और समावेशी विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन क्षेत्रों से जुड़ी कई मेगा परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और उद्घाटन किए गए। इन परियोजनाओं का विवरण निम्नलिखित तालिका में देखा जा सकता है:

परियोजना का नाम / क्षेत्र स्थान / जिला विशेषता एवं उद्देश्य
600 मेगावाट अपर इंद्रावती पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट ओडिशा (ऊर्जा क्षेत्र) राज्य में पीक ऑवर बिजली की मांग को पूरा करने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए शिलान्यास।
आईबी (IB) थर्मल पावर स्टेशन (स्टेज-II विस्तार) झारसुगुड़ा 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों का शिलान्यास, जिससे ओडिशा की औद्योगिक ऊर्जा आवश्यकताओं को बल मिलेगा।
भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) लखनपुर, झारसुगुड़ा ₹25,016 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्लांट घरेलू कोयले के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा देगा और विदेशी आयात पर निर्भरता घटाएगा।
300 बेड का जिला मुख्यालय अस्पताल बौध (Boudh) स्थानीय नागरिकों को आधुनिक और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अस्पताल भवन का उद्घाटन।
कठजोड़ी नदी पर नया पुल कटक – भुवनेश्वर कटक और भुवनेश्वर के बीच सीधे संपर्क को सुगम बनाने और ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए शिलान्यास।
कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट भुवनेश्वर 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाला म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट-आधारित प्लांट, जो स्वच्छ भारत मिशन को गति देगा।
रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग और बाईपास परियोजनाएं जाखपुरा-जाजपुर, हिंडोल रोड लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए रेलवे ट्रैक्स का दोहरीकरण/बहु-ट्रैकिंग और नयागढ़ टाउन बाईपास (NH-57) का उद्घाटन।

ओडिशा में ‘डबल-इंजन’ सरकार के दो साल: सुशासन की उपलब्धियां

ओडिशा में दो साल पहले हुए ऐतिहासिक राजनीतिक परिवर्तन और बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार के गठन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य ने बीते 24 महीनों में राजनीतिक स्थिरता और प्रगति की नई परिभाषा लिखी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में प्रशासन ने पारदर्शिता, जवाबदेही और लोक कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा है।

जनजातीय और ग्रामीण सशक्तिकरण के प्रमुख कदम:

  • प्रधानमंत्री वन-धन योजना: 90 से अधिक लघु वन उपजों (Minor Forest Produce) पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया गया है, जिससे आदिवासी संग्रहकर्ताओं को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है।
  • महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी जनजातीय महिलाओं को सूक्ष्म ऋण (Micro-credit) योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन: आदिवासी आबादी में व्यापक रूप से पाई जाने वाली सिकल सेल बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए सघन जांच और उपचार अभियान।
  • शिक्षा में सुधार: आदिवासी बच्चों को वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए रिकॉर्ड संख्या में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) की स्थापना की गई है।
  • धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: इसके तहत आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और बुनियादी ढांचे (सड़क, पानी, बिजली) का तेजी से विकास किया जा रहा है।

‘पूर्वोदय’ नीति: पूर्वी भारत बनेगा देश की प्रगति का प्रवेश द्वार

सार्वजनिक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पुरानी सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को केवल पिछड़ापन और उपेक्षा की दृष्टि से देखा गया। लेकिन वर्तमान सरकार की ‘पूर्वोदय’ (Purvodaya) नीति ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है।

प्रधानमंत्री ने गर्व से कहा कि ओडिशा आज देश में औद्योगिक निवेश का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। राज्य को अब तक लगभग ₹20 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक की मेगा परियोजनाओं पर काम धरातल पर शुरू भी हो चुका है। बिजली क्षेत्र में ही अकेले ₹6,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है ताकि उद्योगों और घरों को निर्बाध बिजली मिल सके।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संयुक्त ओडिशा दौरा न केवल मयूरभंज की जनजातीय मिट्टी के गौरव को सम्मानित करने वाला था, बल्कि इसने राज्य को विकास के एक नए युग में धकेल दिया है। सुशासन के दो वर्ष पूरे होने पर मिली ₹47,600 करोड़ की ये परियोजनाएं आने वाले समय में ओडिशा के युवाओं के लिए रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होंगी।

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