आज का पंचांग: 21 जून 2026 | शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज की तिथि






आज का पंचांग – विस्तृत एवं संपूर्ण दैनिक पंचांग विवरण

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आज का पंचांग: विस्तृत एवं संपूर्ण विवरण

दिनांक: 21 जून 2026 | स्थान: नई दिल्ली, भारत

मंगलाचरण एवं महत्व: भारतीय सनातन संस्कृति में समय गणना की पद्धति अत्यंत वैज्ञानिक और सूक्ष्म है। ‘पंचांग’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है—पांच अंगों वाला। ये पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। पंचांग के माध्यम से हम न केवल दिन के शुभ-अशुभ समय को जानते हैं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह को समझकर अपने दैनिक कर्मों को उसके अनुकूल ढालते हैं। आज का यह विशेष पंचांग आपको दिन के प्रत्येक प्रहर, ग्रहों की स्थिति और शुभ मुहूर्तों की गंभीर अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।


1. पंचांग के मुख्य पांच अंग (Five Core Elements)

पंचांग के पांच मुख्य अंग हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव डालते हैं। इन पांच अंगों का विवरण इस प्रकार है:

अंग का नाम आज का विवरण धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व
1. तिथि (Tithi) षष्ठी (शुक्ल पक्ष) तिथि चंद्रमा की कलाओं पर आधारित होती है। आज शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो कार्तिकेय भगवान की पूजा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ मानी जाती है। यह यश और कीर्ति प्रदाता है।
2. वार (Day) रविवार (Sunday) यह सूर्य देव का दिन है। आज के दिन सूर्य उपासना करने से आरोग्यता, आत्मविश्वास और समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
3. नक्षत्र (Nakshatra) पूर्वाफाल्गुनी (Purva Phalguni) इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं और देवता भग हैं। यह नक्षत्र कला, सौंदर्य, प्रेम और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। इसमें किए गए रचनात्मक कार्य सफल होते हैं।
4. योग (Yoga) सिद्धि योग (Siddhi Yoga) यह एक अत्यंत शुभ योग है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस योग में शुरू किए गए कार्यों में निश्चित रूप से सफलता (सिद्धि) प्राप्त होती है।
5. करण (Karana) कौलव (Kaulava) करण तिथि का आधा भाग होता है। कौलव करण का स्वभाव सौम्य और मित्रवत माना जाता है। यह स्थायी कार्यों और मित्रता की शुरुआत के लिए उत्तम है।

2. सूर्योदय, चंद्रोदय और ग्रहों की गणना

खगोलीय पिंडों की गति ही हमारे दिन को परिभाषित करती है। आज सूर्य और चंद्रमा की चाल कुछ इस प्रकार रहने वाली है:

सूर्य गणना (Solar Calculations)

  • सूर्योदय: प्रातः 05:24 AM
  • सूर्यास्त: सायं 07:22 PM
  • सूर्य राशि: मिथुन राशि (Gemini) में स्थित।
  • सूर्य नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश।
  • अयन: उत्तरायण (दक्षिणायन संक्रांति के निकट)।
  • ऋतु: ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)।

चंद्र गणना (Lunar Calculations)

  • चंद्रोदय: पूर्वाह्न 11:15 AM
  • चंद्रास्त: रात्रि 11:58 PM
  • चंद्र राशि: सिंह राशि (Leo) में चंद्रमा का संचरण रहेगा।
  • चंद्र मास: आषाढ़ (अमांत पद्धति के अनुसार ज्येष्ठ, पूर्णिमंत के अनुसार आषाढ़)।

3. आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं और उनका सकारात्मक फल दीर्घकालिक होता है। आज के प्रमुख शुभ समय निम्नलिखित हैं:

मुहूर्त का नाम प्रारंभ समय समाप्ति समय उपयोगिता एवं लाभ
अभिजीत मुहूर्त 11:55 AM 12:50 PM दिन का सबसे शक्तिशाली मुहूर्त। इस समय किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
अमृत काल 04:10 PM 05:45 PM साधना, मंत्र दीक्षा, आध्यात्मिक प्रगति और औषधि निर्माण या सेवन के लिए यह समय अमृत के समान फलदायी है।
विजय मुहूर्त 02:42 PM 03:38 PM वाद-विवाद, कानूनी मामलों, प्रतियोगिता परीक्षाओं और शत्रु पर विजय पाने से संबंधित कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ।
गोधूलि मुहूर्त 07:20 PM 07:44 PM धार्मिक अनुष्ठानों, गृह शांति और संध्या वंदन के लिए अत्यंत शांत और सकारात्मक समय।
ब्रह्म मुहूर्त 04:04 AM (अगले दिन) 04:44 AM (अगले दिन) अध्ययन, ध्यान, आत्म-चिंतन और योग के लिए सर्वोत्तम समय। इस समय मस्तिष्क की कार्यक्षमता उच्चतम होती है।

4. आज के अशुभ समय एवं राहुकाल (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र में जहां शुभ समय का महत्व है, वहीं कुछ ऐसे कालखंड भी बताए गए हैं जिनमें नकारात्मक ऊर्जा प्रबल होती है। इन समयों में शुभ कार्यों को टालना ही बुद्धिमानी है:

अशुभ काल प्रारंभ समय समाप्ति समय सावधानियां और प्रभाव
राहुकाल (Rahu Kaal) 05:38 PM 07:22 PM इस समय राहु की दृष्टि प्रबल होती है। नया व्यवसाय शुरू करना, धन का बड़ा लेन-देन या विवाह आदि के सौदे इस समय वर्जित हैं।
यमगंड (Yamaganda) 12:23 PM 02:08 PM यह मृत्यु के देवता यम का समय माना जाता है। इसमें शुरू किए गए कार्य नष्ट हो जाते हैं या उनमें अत्यधिक देरी होती है।
गुलिक काल (Gulik Kaal) 03:53 PM 05:38 PM शनि के पुत्र गुलिक का यह समय कार्यों में मंदी और रुकावटें पैदा करता है। हालांकि, संचय करने के लिए इसे कुछ हद तक ठीक माना जाता है।
वर्ज्यम (Varjyam) 06:50 AM 08:25 AM यह समय विषैली ऊर्जा से युक्त माना जाता है, अतः यात्रा की शुरुआत या मांगलिक विमर्श के लिए उपयुक्त नहीं है।
दुर्मुहूर्त (Dur Muhurtam) 05:30 PM 06:26 PM मानसिक तनाव और भ्रम पैदा करने वाला समय। इस अवधि में महत्वपूर्ण बातचीत से बचें।

5. दिशाशूल और यात्रा विचार (Disha Shool & Travel Guide)

यात्रा पर निकलते समय दिशाशूल का ध्यान रखना प्राचीन भारतीय परंपरा रही है। दिशाशूल का अर्थ है कि किसी विशेष दिन पर उस विशेष दिशा में ब्रह्मांडीय तरंगें प्रतिकूल होती हैं।

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आज का दिशाशूल: पश्चिम दिशा (West)

प्रभाव: आज रविवार होने के कारण पश्चिम दिशा की यात्रा में बाधाएं, वाहन कष्ट या मानसिक अशांति आने की संभावना रहती है। यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो सीधे प्रस्थान करने से बचें।

दिशाशूल के उपाय और परिहार:

यदि आपको आज के दिन किसी अपरिहार्य कारणवश पश्चिम दिशा में यात्रा करनी ही पड़े, तो निम्नलिखित ज्योतिषीय उपायों का पालन करके इसके नकारात्मक प्रभाव को न्यूनतम किया जा सकता है:

  • यात्रा पर निकलने से पहले दर्पण (शीशा) में अपना चेहरा अवश्य देखें।
  • थोड़ा सा घी या दलिया का सेवन करके घर से निकलें।
  • घर से निकलते समय पहले अपना दाहिना पैर (Right Foot) बाहर रखें।
  • “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का 11 बार मानसिक जाप करें।

6. आज के विशेष व्रत, त्योहार एवं धार्मिक महत्व

आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। हिंदू कैलेंडर में आषाढ़ का महीना आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी महीने से वर्षा ऋतु का आगमन होता है और चातुर्मास की शुरुआत की पृष्ठभूमि तैयार होती है।

कुमार षष्ठी (Kumar Shasthi) / स्कंद षष्ठी

आज के दिन को मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र, देवसेनापति भगवान कार्तिकेय (स्कंद या कुमार) को समर्पित माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  • संतान की रक्षा होती है और संतान को दीर्घायु प्राप्त होती है।
  • व्यक्ति के भीतर का डर समाप्त होता है और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
  • कुंडली में मंगल ग्रह (Mars) से जुड़े दोष शांत होते हैं, क्योंकि कार्तिकेय जी मंगल के अधिपति देवता हैं।

7. आज की ग्रह स्थिति और गोचर विवरण (Planetary Positions)

आज के दिन ब्रह्मांड में नौ ग्रहों की स्थिति ज्योतिषीय गणना के अनुसार निम्नलिखित राशियों में बनी हुई है। ग्रहों का यह गोचर आपके जीवन, देश और दुनिया पर व्यापक प्रभाव डालता है:

ग्रह का नाम वर्तमान राशि गोचर की स्थिति और प्रभाव
सूर्य (Sun) मिथुन (Gemini) बुध की राशि में सूर्य का होना बौद्धिक कार्यों, लेखन, संचार और व्यापारिक समझ को तेज करता है।
चंद्रमा (Moon) सिंह (Leo) सूर्य की राशि में चंद्रमा का होना व्यक्ति को साहसी, स्वाभिमानी और नेतृत्व क्षमता से युक्त बनाता है।
मंगल (Mars) मेष (Aries) अपनी स्वराशि में होने से मंगल अत्यधिक ऊर्जावान, आक्रामक और पराक्रमी स्थिति में हैं।
बुध (Mercury) मिथुन (Gemini) अपनी ही राशि में होने से ‘भद्र महापुरुष योग’ का निर्माण कर रहे हैं। तार्किक क्षमता अद्भुत रहेगी।
गुरु (Jupiter) वृषभ (Taurus) शुक्र की राशि में गुरु का होना आर्थिक स्थिरता और व्यावहारिक ज्ञान की वृद्धि करता है।
शुक्र (Venus) कर्क (Cancer) भावुकता में वृद्धि होगी, कलात्मक क्षेत्रों में रुचि बढ़ेगी और पारिवारिक सुख मिलेगा।
शनि (Saturn) कुंभ (Aquarius) अपनी मूलत्रिकोण राशि में शश योग का निर्माण कर रहे हैं। न्यायप्रियता और कर्मठता बढ़ेगी।
राहु (Rahu) मीन (Pisces) भ्रम और आध्यात्मिक खोज दोनों को एक साथ बढ़ावा दे रहे हैं। कल्पनाशीलता बढ़ेगी।
केतु (Ketu) कन्या (Virgo) विश्लेषणात्मक कार्यों में गहराई देंगे, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है।

8. आज का मंत्र और अचूक उपाय (Remedies for Today)

चूंकि आज का दिन रविवार है और चंद्रमा सिंह राशि में हैं, इसलिए आज का पूरा दिन सौर ऊर्जा (Surya Energy) से ओत-प्रोत है। आज किए जाने वाले विशेष उपाय जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।

सूर्य देव की कृपा पाने के विशेष उपाय:

  1. अर्घ्य दान: आज सुबह तांबे के लोटे में जल भरकर, उसमें लाल चंदन, कुमकुम और लाल फूल डालकर सूर्य देव को “ॐ घृणि सूर्याय नमः” कहते हुए अर्घ्य दें।
  2. आदित्य हृदय स्तोत्र: यदि आप लंबे समय से नौकरी, करियर या प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो आज आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।
  3. दान कार्य: आज के दिन गेहूं, तांबा, गुड़ या लाल वस्त्र का दान किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद को करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  4. नमक का त्याग: यदि संभव हो तो आज के दिन भोजन में नमक का प्रयोग न करें या केवल एक समय ही सात्विक भोजन करें। इससे स्वास्थ्य में सुधार होता है।

आज का महामंत्र:

“ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा॥”

इस मंत्र का लाल चंदन की माला से 108 बार जाप करने से मान-सम्मान, यश, और राजयोग जैसी सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है।


9. पंचांग के तत्वों का आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक महत्व

सनातन परंपरा में पंचांग केवल तारीख देखने का साधन नहीं है, बल्कि यह कर्म प्रबंधन (Karma Management) की एक संपूर्ण गाइड है। जब हम तिथि के अनुसार अपने व्रत तय करते हैं, तो हमारे शरीर का जल स्तर और मानसिक स्थिति ब्रह्मांड के गुरुत्वाकर्षण के साथ संतुलित होती है। नक्षत्रों के अनुसार किए गए कार्य हमारे अवचेतन मन को उस नक्षत्र की ऊर्जा से जोड़ते हैं, जिससे सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

आज का दिन हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा को जगाने और सूर्य की तरह चमकने का संदेश देता है। सिंह राशि का चंद्रमा हमें निर्भीकता सिखाता है, जबकि पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र हमें जीवन को आनंद और उत्सव के साथ जीने की प्रेरणा देता है।