भारत में डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का नया अध्याय: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लॉन्च किया आरोग्य सेतु 2.0; मध्य प्रदेश को पीएम-केयर्स से मिले आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण
नई दिल्ली/ब्यूरो: देश की स्वास्थ्य प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य ‘डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव्स लॉन्च कार्यक्रम’ के दौरान ‘आरोग्य सेतु 2.0’ सहित कई दूरगामी डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का औपचारिक शुभारंभ किया। इन नई तकनीकों का मुख्य उद्देश्य देश के डिजिटल पब्लिक हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर (डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना) को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सुगम और एकीकृत तरीके से सुनिश्चित हो सके।
– जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
आरोग्य सेतु 2.0 और प्रमुख डिजिटल स्वास्थ्य पहल: क्या है खास?
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में देश का सुरक्षा कवच बना आरोग्य सेतु ऐप अब एक नए और बेहद आधुनिक अवतार में देशवासियों के सामने है। ‘आरोग्य सेतु 2.0’ को एक व्यापक और ऑल-इन-वन पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (PHR) प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यह अब केवल एक महामारी ट्रैकिंग ऐप नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के लिए वन-स्टॉप डिजिटल हेल्थ गेटवे बन चुका है।
यह उन्नत एप्लिकेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दीर्घकालिक एवं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों सहित समाज के सभी आयु वर्ग के नागरिकों को एक ही डिजिटल मंच पर विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक जानकारियां रीयल-टाइम में उपलब्ध कराएगा।
शुभारंभ की गई प्रमुख १० डिजिटल स्वास्थ्य पहलें:
- आरोग्य सेतु 2.0: नागरिकों के लिए एक एकीकृत व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (PHR) ऐप, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स को डिजिटाइज करने, आभा आईडी प्रबंधित करने और स्वास्थ्य की निगरानी करने में सक्षम है।
- आयुष्मान ऐप: आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के त्वरित लाभ और अस्पतालों की ट्रैकिंग को बेहद आसान बनाने वाला नया डिजिटल प्लेटफॉर्म।
- आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट: नागरिकों की शिकायतों, शंकाओं और योजनाओं से जुड़ी जानकारियों को सहज संवादात्मक तरीके से हल करने वाला रीयल-टाइम चैटबॉट।
- नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX): स्वास्थ्य बीमा दावों (Health Insurance Claims) के निर्बाध और तीव्र प्रसंस्करण के लिए एक एकीकृत डिजिटल ढांचा, जो अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच कागजी कार्रवाई और समय की बर्बादी को समाप्त करेगा।
- यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI): एक सामान्य डेटा आदान-प्रदान ढांचा, जो मरीजों को देश भर के डॉक्टरों, परामर्शदाताओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से सीधे डिजिटल रूप से जोड़ेगा।
- ई-सुश्रुत क्लिनिक: अस्पतालों के प्रबंधन, ओपीडी पंजीकरण (Scan & Share सुविधा) और डॉक्टरों के नुस्खों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने वाली प्रणाली।
- ड्रग रजिस्ट्री: देश में उपलब्ध दवाओं, उनकी प्रामाणिकता और गुणवत्ता की निगरानी करने वाला एक केंद्रीकृत प्रामाणिक डिजिटल डेटाबेस।
- कॉमन LOINC कोड्स फॉर इंडिया (CLCI): देश की सभी प्रयोगशालाओं (लैब्स) के टेस्ट कोड्स का मानकीकरण करने वाली व्यवस्था, जिससे किसी भी लैब की रिपोर्ट को समझना और उसका डिजिटल मिलान करना आसान होगा।
- भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (BHTS): चिकित्सा क्षेत्र की शब्दावली और डेटा प्रणालियों में एकरूपता लाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की मानक सेवा।
- इंश्योरेंस प्लान FHIR ऑब्जेक्ट क्रिएटर: बीमा पॉलिसियों के निर्माण और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने की एक विशेष तकनीकी उपयोगिता।
कार्यक्रम में देश भर के दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में स्वास्थ्य और नीति निर्माण क्षेत्र से जुड़ी देश की कई शीर्ष हस्तियां, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे अतिथियों की सूची इस प्रकार है:
| अतिथि / अधिकारी का नाम | पद / विभाग |
|---|---|
| जगत प्रकाश नड्डा | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार |
| प्रतापराव जाधव | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार, आयुष) |
| अनुप्रिया पटेल | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री |
| डॉ. एम. श्रीनिवास | सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग |
| डॉ. माणिक साहा | मुख्यमंत्री, त्रिपुरा |
| राजेन्द्र शुक्ल | उप मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश |
| ब्रजेश पाठक | उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश |
| पुण्य सलिला श्रीवास्तव | केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, भारत सरकार |
| डॉ. राजीव बहल | सचिव (स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग) एवं महानिदेशक (ICMR) |
| डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल | मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) |
मध्य प्रदेश को पीएम-केयर्स के तहत आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों की बड़ी सौगात
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का एक सबसे महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रभाव मध्य प्रदेश के संदर्भ में सामने आया। कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत आगामी तीन वर्षों की अवधि के भीतर ‘पीएम-केयर्स’ (PM-CARES) योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय डायग्नोस्टिक (निदान) उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस आवंटन से राज्य के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों की चिकित्सा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश को मिलने वाले अत्याधुनिक उपकरणों का विवरण:
- 13 आधुनिक एमआरआई (MRI) मशीनें: राज्य के प्रमुख जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित की जाएंगी, जिससे जटिल से जटिल शारीरिक जांचें बेहद कम खर्च पर स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेंगी।
- 11 मैमोग्राफी मशीनें: महिलाओं में स्तन कैंसर की समय पर पहचान और प्रभावी रोकथाम के लिए यह बेहद संवेदनशील और आधुनिक मशीनें राज्य के विभिन्न संभागों को सौंपी जाएंगी।
- 308 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस ये पोर्टेबल एक्स-रे उपकरण राज्य के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जताया प्रधानमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व का आभार
समझौता ज्ञापन (MoU) के आदान-प्रदान के बाद मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति मध्य प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से गहरा आभार व्यक्त किया।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, “पीएम-केयर्स के माध्यम से मध्य प्रदेश को मिलने वाले ये अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती देंगे। हमारा मुख्य ध्यान राज्य के सुदूर वनांचल, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों पर है। अब इन क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के नागरिकों को भी अपने ही क्षेत्र में बेहतर, सुलभ और उच्च गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क या बेहद रियायती दरों पर मिल सकेंगी। समय पर सही निदान होने से हम हजारों अनमोल जिंदगियां बचाने में सफल होंगे।”
विकसित भारत @2047 की ओर मजबूत कदम
डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव्स का यह राष्ट्रव्यापी लॉन्च और राज्यों के साथ जमीनी स्तर के ये समझौते इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि भारत अब स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर और आधुनिक बनने की ओर अग्रसर है। एक तरफ जहां आरोग्य सेतु 2.0 और आयुष्मान सारथी जैसी पहलें मरीजों और स्वास्थ्य प्रदाताओं के बीच की दूरी को तकनीक के माध्यम से समाप्त कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पीएम-केयर्स के जरिए राज्यों को मिल रहे भौतिक बुनियादी ढांचे (एमआरआई, मैमोग्राफी और एआई एक्स-रे) से देश का हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर वैश्विक मानकों के समकक्ष खड़ा हो रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाया गया यह कदम ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
Praveen
Website: https://pradeshkhabar.in














