इंदौर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार: मध्य प्रदेश में मतदाता सूची संशोधन कार्य की देश भर में सराहना, बोले- ‘राज्य के चुनावी अमले पर पूरे देश को गर्व’
इंदौर। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश पहुंचे। इंदौर विमानतल पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने राज्य में हाल ही में संपन्न हुए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की खुलकर तारीफ की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मध्य प्रदेश के निर्वाचन अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने इस जटिल अभियान के तहत जो ऐतिहासिक कार्य किया है, उस पर आज पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।
यह दौरा ज्ञानेश कुमार का मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभालने के बाद मध्य प्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा है। दो दिवसीय प्रवास के दौरान वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले चुनाव अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करेंगे और राज्य की चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे। हवाई अड्डे पर राज्य निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
“मैं मध्य प्रदेश के मतदाताओं को बताना चाहूंगा कि इस बार हमारे सभी चुनाव अधिकारियों ने, राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बेहद सराहनीय काम किया है। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन और समर्पण पर पूरे देश को गर्व है।”
– ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
इंदौर में बीएलओ महासम्मेलन: 1500 से अधिक अधिकारियों से सीधा संवाद
अपने दौरे के पहले दिन मुख्य चुनाव आयुक्त इंदौर में आयोजित एक विशाल बूथ लेवल अधिकारी (BLO) सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की सबसे मजबूत और बुनियादी कड़ी यानी बीएलओ के प्रयासों को सम्मानित करना और उनके अनुभवों को जानना है।
इस महासम्मेलन में इंदौर सहित उज्जैन, देवास, धार और खंडवा जिलों के 1,500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारी सीधे तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त इन मैदानी कर्मियों से सीधा संवाद कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि डिजिटल टूल्स और घर-घर जाकर किए जाने वाले सत्यापन के दौरान किस तरह की व्यावहारिक चुनौतियां सामने आती हैं और उन्हें कैसे सुधारा जा सकता है।
क्या है ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) और क्यों हो रही है तारीफ?
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश भर में चुनावी सूचियों को पूरी तरह से शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में इस प्रक्रिया को बेहद सूक्ष्म और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम दिया गया है, जिसकी वजह से खुद मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक नजीर बताया है।
इस अभियान के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना: जो मतदाता अब इस दुनिया में नहीं हैं या जो स्थाई रूप से दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नामों को सूची से पूरी तरह साफ किया गया ताकि बोगस वोटिंग की गुंजाइश खत्म हो सके।
- दोहरी प्रविष्टियों (डुप्लीकेट एंट्रीज) का खात्मा: आधुनिक सॉफ्टवेयर और तकनीकी मिलान के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी नागरिक का नाम दो अलग-अलग बूथों या विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज न हो।
- युवा और छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ना: 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं, विशेषकर महिला मतदाताओं और जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर सूची में शामिल किया गया।
- बिना दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन: हालिया नियमों के तहत घर-घर जाकर प्रगणकों (Enumerators) ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति दर्ज की, जिससे जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।
डिजिटल तकनीक और बीएलओ की भूमिका
मध्य प्रदेश में इस बार एसआईआर प्रक्रिया को डिजिटल रूप से अत्यधिक सुदृढ़ बनाया गया था। बीएलओ ऐप के माध्यम से डेटा को सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड किया गया, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो गई। राज्य प्रशासन ने राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ भी बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का सवाल नहीं उठा।
धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का करेंगे दौरा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त अपने दौरे के दूसरे दिन यानी रविवार को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का रुख करेंगे। वे खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर जाएंगे, जहां वे भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और नर्मदा नदी के घाट पर आयोजित अनुष्ठानों में शामिल होंगे। इसके बाद उनका अहिल्याबाई होल्कर की ऐतिहासिक नगरी महेश्वर जाने का भी कार्यक्रम है, जहां वे ऐतिहासिक महेश्वर किले और नर्मदा तट के वैभव का अवलोकन करेंगे।
शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला: निर्वाचन आयोग
ज्ञानेश कुमार ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि एक पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची ही जीवंत लोकतंत्र की असली रीढ़ होती है। मध्य प्रदेश ने इस दिशा में एक बेहतरीन मॉडल पेश किया है। इस गहन सुधार के बाद राज्य की मतदाता सूची का लिंगानुपात (Gender Ratio) बेहतर हुआ है और युवा भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
Ashish Sinha
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