लुंड्रा के रघुनाथपुर में कृषि विभाग की बड़ी छापामार कार्रवाई: अघोषित गोदाम से 242 बोरी अवैध यूरिया और डीएपी जब्त, जमाखोरों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू
सरगुजा/लुंड्रा: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के आते ही किसानों को खाद-बीज की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने और कृषि आदानों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश भर में उर्वरकों की अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी और अघोषित भंडारण के खिलाफ एक व्यापक और सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखंड लुंड्रा के ग्राम रघुनाथपुर में कृषि विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
कलेक्टर अजीत वसंत के कुशल मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशों के तहत कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने रघुनाथपुर स्थित मेसर्स शुभम फर्टिलाइजर्स के एक अघोषित परिसर पर औचक दबिश दी। इस छापामार कार्रवाई का नेतृत्व उप संचालक कृषि पीतांबर सिंह दीवान कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित अनुमति के, एक अवैध और अघोषित परिसर में भारी मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का भंडारण करके रखा गया था। यह कृत्य सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के सख्त प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।
अघोषित परिसर में छिपाकर रखी गई थी रासायनिक खादों की बड़ी खेप
कृषि विभाग की विशेष टीम जब औचक निरीक्षण के लिए मेसर्स शुभम फर्टिलाइजर्स के ठिकानों पर पहुंची, तो वहां की स्थिति देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। शासन द्वारा निर्धारित नियमों के मुताबिक, किसी भी पंजीकृत खाद विक्रेता को अपने केवल उन्हीं गोदामों या परिसरों में स्टॉक रखने की अनुमति होती है, जिसे विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर अनुमोदित और लाइसेंस में दर्ज किया गया हो। लेकिन यहां प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर एक गुप्त और अघोषित स्थान पर खादों का बड़ा जखीरा डंप किया गया था।
मौके पर जब टीम ने गहनता से भौतिक सत्यापन और जांच की, तो वहां कुल 242 बोरी अवैध रासायनिक उर्वरक बरामद किए गए। कृषि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे स्टॉक को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है और इसे नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई का मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया, जिस पर गवाहों और संबंधित पक्षों के हस्ताक्षर कराए गए। अब विभाग द्वारा संबंधित विक्रेता के खिलाफ अग्रिम वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
| क्र. | उर्वरक का प्रकार (खाद) | जब्त बोरी की संख्या | स्थिति / कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| 1 | यूरिया (Urea) | 148 बोरी | जब्त एवं सुरक्षित अभिरक्षा में |
| 2 | डी.ए.पी. (DAP) | 94 बोरी | जब्त एवं सुरक्षित अभिरक्षा में |
| कुल | कुल रासायनिक उर्वरक | 242 बोरी | वैधानिक कार्रवाई एवं पंचनामा तैयार |
उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए उप संचालक कृषि पीतांबर सिंह दीवान ने दो टूक शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट और कड़े निर्देश हैं कि चालू खरीफ सीजन के दौरान राज्य के किसानों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी खाद विक्रेता, डीलर या बिचौलिये द्वारा उर्वरकों का अवैध भंडारण करना, कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए जमाखोरी करना, ब्लैक मार्केटिंग यानी कालाबाजारी करना या फिर तय नियमों का किसी भी रूप में उल्लंघन करना कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी तत्व शासन के नियमों की अवहेलना कर किसानों को परेशान करने या अनुचित लाभ कमाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रघुनाथपुर की इस कार्रवाई से जिले के अन्य मुनाफाखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
जिले भर में जारी रहेगा सघन जांच अभियान, दल गठित
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों, निजी गोदामों, सहकारी समितियों और संभावित भंडारण स्थलों का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए विशेष दलों का गठन किया गया है। यह टीमें लगातार फील्ड पर सक्रिय हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण कर रही हैं। सभी खाद विक्रेताओं को कड़े लहजे में निर्देशित किया गया है कि वे केवल विभाग द्वारा विधिवत अनुमोदित, घोषित और अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) में दर्ज परिसरों में ही उर्वरकों का भंडारण करें। इसके साथ ही, उन्हें अपने प्रतिष्ठानों के बाहर स्टॉक बोर्ड और मूल्य सूची को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
किसानों से कृषि विभाग की विशेष अपील
उप संचालक कृषि ने जिले के किसान भाइयों से भी एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि किसान अपनी फसलों के लिए आवश्यक खाद और उन्नत बीज केवल अधिकृत, पंजीकृत और सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें। खाद खरीदते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य लें और यह सुनिश्चित करें कि बिल में अंकित मूल्य शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार ही हो।
- सतर्क रहें किसान: यदि कोई भी निजी विक्रेता निर्धारित दर (एमआरपी) से अधिक मूल्य की वसूली करता है, तो तुरंत शिकायत करें।
- जमाखोरी की दें सूचना: यदि किसी क्षेत्र में खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करने के लिए जमाखोरी या अघोषित गोदामों में अवैध भंडारण की शंका हो, तो इसकी जानकारी तत्काल स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को दें।
- त्वरित एक्शन का भरोसा: किसानों द्वारा दी गई ऐसी किसी भी गुप्त सूचना पर कृषि विभाग की टीम बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, ताकि वास्तविक किसानों को समय पर और सही दाम पर कृषि आदान मिल सकें।
खरीफ सीजन में किसानों को नहीं होने दी जाएगी कोई परेशानी
सरगुजा संभाग में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही कृषि गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे समय में यूरिया और डीएपी जैसी मुख्य खादों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी मांग का फायदा उठाने के लिए कुछ असामाजिक और मुनाफाखोर व्यापारी खादों का अवैध भंडारण कर लेते हैं, ताकि बाद में उसे ऊंचे दामों पर बेच सकें। कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और जिले के भीतर किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का अग्रिम भंडारण कराया जा चुका है, और निजी क्षेत्र पर भी कड़ा नियंत्रण रखा जा रहा है।
रघुनाथपुर में की गई इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कृषि विभाग की टीम आने वाले दिनों में अपनी इस जांच प्रक्रिया को और अधिक तेज करने जा रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों के छोटे और सीमांत किसानों को खाद की उपलब्धता में कोई असुविधा न हो।











