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TTF कोलकाता 2026: वैश्विक मंच पर चमका छत्तीसगढ़ का पर्यटन, ‘छत्तीसगढ़ पवेलियन’ बना मुख्य आकर्षण






TTF कोलकाता 2026: वैश्विक मंच पर चमका छत्तीसगढ़ का पर्यटन, देश-विदेश के सैलानियों को किया आकर्षित


वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर चमका छत्तीसगढ़: TTF कोलकाता 2026 में ‘छत्तीसगढ़ पवेलियन’ बना आकर्षण का केंद्र

स्थान: राजनांदगांव / कोलकाता  |  दिनांक: 14 जुलाई 2026  |  श्रेणी: पर्यटन एवं संस्कृति समाचार

राजनांदगांव। देश के पर्यटन और हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले प्रतिष्ठित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF)-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने अपनी ऐतिहासिक और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। कोलकाता के प्रसिद्ध विश्व बंगला प्रांगण में 10 से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित इस त्रिस्तरीय भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीन धार्मिक स्थलों और अछूते प्राकृतिक सौंदर्य का ऐसा ताना-बाना पेश किया गया, जिसने देश-विदेश से आए पर्यटन विशेषज्ञों और सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस वर्ष का टीटीएफ आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से बल्कि छत्तीसगढ़ को एक ‘मस्ट-विजिट डेस्टिनेशन’ (अनिवार्य दर्शनीय स्थल) के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार किए गए विशेष थीम आधारित पवेलियन ने मेले के पहले ही दिन से भारी भीड़ और विशेषज्ञों की सराहना बटोरी।

“छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आदिम संस्कृति, घने जंगलों, जलप्रपातों और प्राचीन इतिहास का एक जीवंत कोलाज है। टीटीएफ 2026 के माध्यम से हमने दुनिया को यह दिखाया है कि छत्तीसगढ़ नए दौर के यात्रियों के लिए हर वह अनुभव समेटे हुए है, जिसकी वे तलाश कर रहे हैं।”

आकर्षक ‘छत्तीसगढ़ पवेलियन’: जहां जीवंत हो उठी बस्तर की कला और प्राकृतिक वैभव

मेले के मुख्य आकर्षणों में से एक रहा छत्तीसगढ़ पवेलियन, जिसे बेहद बारीकी और रचनात्मकता के साथ राज्य की मूल पहचान को दर्शाते हुए डिजाइन किया गया था। पवेलियन में कदम रखते ही आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के घने जंगलों, प्रसिद्ध चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपातों की विहंगम झलकियां देखने को मिलीं। इसके साथ ही, सिरपुर के ऐतिहासिक बौद्ध स्थलों, भोरमदेव के प्राचीन मंदिर और बस्तर की प्रसिद्ध ढोकरा कला व जनजातीय संस्कृति को अनूठे ढंग से प्रदर्शित किया गया था।

पवेलियन में राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थित अत्याधुनिक रिसॉर्ट्स, वेलनेस सेंटर्स और हाल ही में विकसित किए गए होम-स्टे (Home-Stays) नेटवर्क की जानकारियों को भी साझा किया गया। इको-टूरिज्म और रूरल-टूरिज्म (ग्रामीण पर्यटन) पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, बोर्ड ने यह संदेश दिया कि राज्य आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ प्रकृति के करीब रहने का बेजोड़ अनुभव प्रदान करता है।

उच्च स्तरीय बैठकों में पहुंचे छत्तीसगढ़ के दिग्गज: निवेश और साझेदारी पर जोर

छत्तीसगढ़ पर्यटन को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय हितधारकों (Stakeholders) के साथ सीधे व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए राज्य का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस आयोजन में शामिल हुआ। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के माननीय अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने किया। उनके साथ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन एवं प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा का आह्वान: “अनुकूल वातावरण का लाभ उठाएं निवेशक”

उद्घाटन के भव्य अवसर पर पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंटों और नागरिक उड्डयन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में असीमित संभावनाओं से भरा राज्य है। माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बेहद उदार और अनुकूल नीतियां लागू कर रही है।

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श्री शर्मा ने सभी प्रमुख हितधारकों को छत्तीसगढ़ आने का व्यक्तिगत निमंत्रण देते हुए कहा, “हमारा राज्य न केवल पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित और सुंदर गंतव्य है, बल्कि यह पर्यटन व्यवसायियों के लिए निवेश और दीर्घकालिक साझेदारी का एक बेहतरीन मंच भी है। हम निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और हर संभव प्रशासनिक सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य का प्रेजेंटेशन: टूर ऑपरेटर्स के लिए व्यावसायिक लाभ

आयोजन के दौरान एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने एक विस्तृत और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन सर्किट जैसे—ट्राइबल टूरिज्म सर्किट, राम वन गमन पर्यटन परिपथ, और इको-टूरिज्म नेटवर्क पर प्रकाश डाला।

श्री आचार्य ने देश-विदेश से आए टूर ऑपरेटर्स को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीकृत होने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने विस्तार से बताया कि बोर्ड के साथ जुड़कर नए टूर पैकेज संचालित करने और उनके विपणन (Marketing) से ट्रैवल एजेंसियों को क्या-क्या व्यावसायिक और वित्तीय लाभ मिल सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि देश के कोने-कोने से ट्रैवल एजेंट्स सैलानियों को छत्तीसगढ़ भेजें और खुद भी आकर यहां के आतिथ्य का अनुभव करें।

28 टूर ऑपरेटर्स और होटल व्यवसायियों का मजबूत दल

इस बार टीटीएफ कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने अकेले भागीदारी नहीं की, बल्कि राज्य के स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अपने साथ बोर्ड में पंजीकृत लगभग 28 टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों, रिसॉर्ट मालिकों, होम-स्टे संचालकों तथा युवा पर्यटन उद्यमियों के दल को भी शामिल किया। इसके माध्यम से स्थानीय व्यवसायियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (Buyers) से मिलने और अपने बिजनेस नेटवर्क को बढ़ाने का एक बड़ा मंच मिला।

TTF 2026: भारतीय पर्यटन का महाकुंभ

कोलकाता में आयोजित यह तीन दिवसीय मेला भारत के सबसे बड़े पर्यटन आयोजनों में से एक रहा, जिसमें न केवल भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने शिरकत की, बल्कि देश के कई प्रमुख राज्यों ने अपने-अपने पवेलियन लगाए। छत्तीसगढ़ के अलावा इस मेले में निम्नलिखित राज्यों की सक्रिय भागीदारी रही:

क्र.सं. सहभागी राज्य / बोर्ड मुख्य फोकस क्षेत्र
1 छत्तीसगढ़ जनजातीय संस्कृति, इको-टूरिज्म, जलप्रपात, ऐतिहासिक धरोहर
2 उत्तराखंड और सिक्किम एडवेंचर स्पोर्ट्स, हिमालयन टूरिज्म, तीर्थाटन
3 गोवा और केरल तटीय पर्यटन, बैकवाटर्स, वेलनेस और आयुर्वेद
4 गुजरात और राजस्थान शाही विरासत, मरुस्थल उत्सव, हस्तशिल्प
5 पश्चिम बंगाल (मेजबान) सुंदरवन, दार्जिलिंग चाय पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत
6 मध्य प्रदेश और ओडिशा वन्यजीव अभ्यारण्य, प्राचीन मंदिर, जनजातीय कला

इन राज्यों के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु, दिल्ली और कई अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संगठनों तथा टूरिज्म एसोसिएशनों (जैसे TAAI, TAFI) ने भी इस भव्य मेले में हिस्सा लेकर भविष्य के पर्यटन रोडमैप पर चर्चा की।

भविष्य की राह: छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

टूरिज्म एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीटीएफ-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की यह आक्रामक और सुनियोजित सहभागिता आने वाले समय में राज्य के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल से हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक देश-विदेश घूमने निकलते हैं। चूंकि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के भौगोलिक रूप से काफी करीब है और रेल व हवाई मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए बंगाली पर्यटकों के लिए छत्तीसगढ़ एक पसंदीदा वीकेंड और लॉन्ग-वेकेशन गंतव्य बन सकता है।

इस सफल भागीदारी से न केवल राज्य में पर्यटकों की संख्या (Footfall) में भारी इजाफा होने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। होम-स्टे संचालकों और हस्तशिल्प कलाकारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।


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