छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 18 साल के युवक ने 15 साल की नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर न सिर्फ अपने जाल में फंसाया, बल्कि दो बार उसे घर से भगा ले गया। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ रेप किया।
घर से भागने के दौरान बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर रात काटी। परिजनों ने किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराई, तो आरोपी मंदिर के पास पकड़े गए। पुलिस ने नाबालिग को रेस्क्यू कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला जूटमिल थाना इलाके का है।
जानकारी के मुताबिक, जूटमिल क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग लड़की 30 जून को अचानक बिना बताए घर से कहीं चली गई थी। परिजनों ने थक-हारकर 3 जुलाई को जूटमिल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया।
पुलिस को जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि, नाबालिग जूटमिल क्षेत्र के ही रहने वाले आरोपी अनुज स्वर्णकार (18) के घर पर है। पुलिस ने 11 जुलाई को आरोपी के घर पर दबिश देकर उसे सकुशल बरामद कर लिया, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया।
महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता के बयान और मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर मामले में रेप (धारा 65(1)(ड) BNS) और 4, 6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ी। बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने काउंसलिंग के बाद लड़की को परिजनों को सौंप दिया गया।
48 घंटे के भीतर लड़की को फिर भगाया
पुलिस अभी फरार आरोपी अनुज स्वर्णकार की तलाश में खाक छान ही रही थी कि महज दो दिन बाद 13 जुलाई को नाबालिग लड़की फिर से रहस्यमयी ढंग से लापता हो गई। परिजनों की दोबारा शिकायत पर पुलिस ने तत्काल नई टीमें बनाकर खोजबीन शुरू की।
रेलवे स्टेशन पर काटी रात, मंदिर के पास पकड़े गए
15 जुलाई को जूटमिल पुलिस ने केवड़ाबाड़ी स्थित निकले महादेव मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी अनुज स्वर्णकार को दबोच लिया। उसके चंगुल से दोबारा नाबालिग को बरामद किया गया।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि, आरोपी उसे 13 जुलाई को ट्रेन में बैठाकर बिलासपुर ले गया था। दोनों ने पूरा दिन और रात बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ही गुजारा और अगले दिन फिर ट्रेन से वापस रायगढ़ लौट आए थे। जिसके बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
आरोपी रिमांड पर जेल भेजा गया
जूटमिल पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद पीड़िता को उसके माता-पिता को सौंप दिया है। वहीं आरोपी अनुज स्वर्णकार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें- SSP
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कहा कि, नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनका संरक्षण पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता है। किसी भी मासूम को बहला-फुसलाकर अगवा करना बेहद गंभीर अपराध है, जिस पर हमारी टीम पूरी संवेदनशीलता से त्वरित कार्रवाई करती है।
मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और संगति पर सतत निगरानी रखें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या गुमशुदगी की स्थिति में बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय पर बच्चों को सुरक्षित बरामद किया जा सके।











