देश का बेहतरीन एआई टैलेंट देश में काम करने के बजाय अमेरिका जाना पसंद कर रहा है। जो जा चुके, उनकी घर वापसी भी कम हो गई है। फोर्ब्स इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में ज्यादा सैलरी और एडवांस्ड एआई प्रोजेक्ट्स पर काम करने के बड़े मौके युवा प्रतिभाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
सिलिकॉन वैली की बैठकों में भारतीय रिसर्चर साफ कह रहे हैं कि उनके पास भारत लौटने की कोई ठोस वजह नहीं है। इसका असर ये हुआ कि कई भारतीय फाउंडर्स अपने नए एआई स्टार्टअप भारत के बजाय अमेरिका में ही शुरू कर रहे हैं।
नतीजतन भारत एआई की वैश्विक रेस में लगातार पिछड़ता नजर आ रहा है। कुछ विशेषज्ञ भारत को एंटरप्राइज एआई टैलेंट का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र जरूर मानते हैं, लेकिन इसके बावजूद टॉप टैलेंट का बाहर जाना लगातार जारी है।














