Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे छीना नहीं जा सकता। केवल प्रदर्शन या आंदोलन होने के आधार पर पुलिस की बर्बरता या ज्यादा सख्ती को सही नहीं ठहराया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे छीना नहीं जा सकता। केवल प्रदर्शन या आंदोलन होने के आधार पर पुलिस की बर्बरता या ज्यादा सख्ती को सही नहीं ठहराया जा सकता।

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले होना उतनी ही चिंता की बात है और सरकार से इस पर जवाब मांगा जा सकता है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)
Festive Birthday Tribute to Maharaja Singh Deo

अब कोर्ट मंगलवार को इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में आरोप है कि NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने ज्यादती की। ये याचिकाएं 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च से जुड़ी हैं।

Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57