नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 25 जुलाई को हुआ। हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस्तीफे से पहले केंद्र सरकार ने छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से एक समझौते की कोशिश की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार चाहती थी कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी दे दी जाए, ताकि वे कैबिनेट में बने रहें। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से संपर्क किया था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान सरकार ने पूछा था कि अगर प्रधान का मंत्रालय बदल दिया जाए तो क्या आंदोलन खत्म हो जाएगा। हालांकि, CJP नेताओं ने यह ऑफर ठुकरा दिया। उनका कहना था कि मंत्रालय बदलना नहीं, बल्कि धर्मेंद्र प्रधान का पूरी तरह इस्तीफा ही उनकी मुख्य मांग है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।















