महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री के समर्थन में फिर से अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा- मुझे इस मुद्दे पर पॉलिटिकल वाइफ बनाकर ट्रोल किया जा रहा है, जबकि मैं पॉलिटिकल नहीं हूं। मैं एक सोशल एक्टिविस्ट और नागरिक के तौर पर अपनी राय रखती हूं।
अमृता ने बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से कहा- नवरात्रि और गरबा जैसे त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले हैं और इनमें जाति-धर्म का भेद नहीं होना चाहिए। पहचान पत्र जांचना बहुत अच्छी प्रैक्टिस है, लेकिन धर्म के आधार पर लोगों की जांच सही नहीं है।
इससे पहले अमृता ने मंगलवार को कहा था कि अगर मुस्लिम गरबा देखने आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। अमृता पहले भी अपने बयानों या विचारों को पति की राजनीति से अलग बताती रही हैं।

















